दो दिलों के बीच तीसरे के लिए कोई जगह नहीं
इस दुनिया में रिश्ते बनाना जितना आसान है उतना ही मुश्किल होता है उन्हें निभाना। खासकर ऐसे रिश्ते जिसमें भरोसे और विश्वास की बहुत ज्यादा जरूरत होती है उनमें दरारें पैदा होने की सम्भावना ज्यादा रहती है। चाहे वो रिश्ता पति पत्नी का हो या फिर प्रेमी और प्रेमिका का। प्रेम के रिश्ते का आधार ही विश्वास होता है। दो प्रेमियों के बीच में से यदि भरोसे या विश्वास को हटा दिया जाए तो उनके बीच प्रेम या समर्पण नाम की कोई चीज नहीं मिलेगी.. मिलेगी तो सिर्फ हर रोज एक नई लडाई, झगडा और आपसी मनमुटाव जो दीमक की तरह धीरे धीरे उनके बीच के रिश्ते को खत्म कर देगा। अक्सर हम देखते हैं कि दो प्रेमियों में लडाई की वजह उनके बीच में आया हुआ कोई तीसरा इंसान होता है । जब दो लोग सालों से एक दूसरे से बात कर रहे हैं और अचानक प्रेमी या प्रेमिका अपने किसी मित्र या रिश्तेदार से बातचीत करने लगता है (चाहे उसका इरादा या नेक ही क्यों न हो) तो उसके पार्टनर को ऐसा लगता है कि वह अब उससे दूर जा रहा है। ऐसे में वह उसे रोकता है कि वहां बात न करो, इससे बात न करो ,उससे बात न करो। यदि उसकी बात मान जाता है फिर तो सब ठीक हो जाता है ...