क्या आप जानते है कि योग आपके लिए कितना लाभदायक है ? शायद नहीं क्योंकि अगर आप जानते होते तो आप योग कर रहे होते। हम यहाँ योग और रोग की बात कर रहे है ।योग और रोग कभी एक साथ नहीं रह सकते इनमें हमेशा शत्रुता ही होती है ।जो व्यक्ति नियमित रूप से योग अभ्यास करता है वह रोगी बन ही नही सकता बशर्ते कि योग शुरू करने से पहले उसको कोई रोग न हो।फिर भी योग शुरू करने से पहले उस व्यक्ति को किसी तरह का कोई रोग है भी तो अगर वह नियमित रूप से योग अभ्यास जारी रखे तो कोई भी असाध्य रोग हो ,जड से खतम हो जाएगा। कम शब्दों में बस आप इतना जान लीजिए कि.."जहाँ योग होता है वहाँ रोग नहीं होता है।" योग जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है गणित की भाषा में इसका मतलब होता है संख्याओं या वस्तुओं का जोड ,परन्तु शारीरिक योग में योग का मतलब होता है -एक साथ लाना या करना।जब हम अपने मन, अपने शरीर और अपनी आत्मा को एक साथ करने की क्रिया करते हैं तो हम उसे योग कहते हैं।जबकि जो कसरत या व्यायाम होता है वह सिर्फ शरीर से सम्बन्धित होता है ।व्यायाम करने से सिर्फ हमारा शरीर हृष्ट पुष्ट होता है या ताकतवर बनता है इसमें मन और आत्मा को को...