योग से निरोग बनिए

एक दार्शनिक का कथन है कि , "स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का निर्माण होता है ।" आज की व्यस्त दिनचर्या में अपने शरीर को स्वस्थ रखने का सबसे सफल और सुलभ साधन है योग।देश विदेश के बडे बडे डाक्टरों,सेलिब्रिटी, खिलाड़ी,नेताओं और वैज्ञानिकों ने भी योग के महत्व को स्वीकार किया है और माना है कि योग करने से जो लाभ होते हैं वे अविश्वसनीय हैं।

योग गुरू निवेदिता जोशी कहती हैं , " महर्षि पतंजलि के अष्टांग योग के तहत आठों अंगों का इस्तेमाल बराबर करना होता  है।जैसे भोजन में सभी

रस जरूरी हैं वैसे ही आसन और प्राणायाम भी जरूरी है।यम नियम भी जरूरी है।आज अवधारणा है कि हमने 40 मिनट आसन कर लिए,10 मिनट प्राणायाम कर लिए तो फिट हो गए।योग का मुख्य मकसद तो आत्मा का परमात्मा से मिलन है।योग मात्र शारीरक व्यायाम नहीं बल्कि एक संस्कार है।"

आजकल लोगों की जीवन शैली इतनी बदल चुकी है  , जिन्दगी की रफ्तार इतनी तेज हो चुकी है कि इंसान पैसे कमाने के चक्कर में अपने लिए वक्त ही नहीं निकाल पाता ।काम के बोझ और तरह तरह के अवसाद की वजह से वह अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पाता है जिसके फलस्वरूप तरह तरह की बीमारियां जैसे मोटापा, ब्लड प्रेशर और सुगर आदि उसे आसानी घेर लेती हैं।

बहुत से लोगों से हम सुनते हैं कि उनकी पीठ मे दर्द रहता है, गर्दन अक्सर ऐंठी रहती है, घुटना काम नहीं करता, बहुत इलाज व दवाईयां करके थक चुके हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। ऐसे पीडित लोगों हेतु योग किसी वरदान से कम नहीं है।जिन छात्रों का मन स्थिर नहीं रहता या फिर पढाई में ध्यान नहीं लगता उनकी एकाग्रता बढाने और मन को काबू में करने का सिर्फ एक ही स्थाई तरीका है वह है योग। योग उस औषधि की तरह काम करता है जिसके सिर्फ फायदे ही फायदे हैं।आप हर रोज समय निकालकर केवल 50 मिनट तक योग करें यकीन मानिए एक महीने के अन्दर आपके शरीर के 80% रोग खत्म हो जाएंगे। 

शुरुआत के दिनों में योग करने के लिए किसी विशेषज्ञ की राय ले सकते हैं या फिर उनकी निगरानी में रहकर योग कर सकते हैं। एक बार योग के जरूरी नियम और तरीका आप जान गए तो खुद अकेले भी योग कर सकते हैं। हर अंग हेतु अलग अलग योग निर्धारित हैं जिसकी जानकारी आप अपने योग टीचर या आनलाइन एप्लिकेशन्स जो कि गूगल प्ले स्टोर पर मुफ्त में उपलब्ध है या यूट्यूब वीडियो देखकर प्राप्त कर सकते हैं।

योग खुद भी करिए और अपनों को भी कराइए

योग करिए और निरोग रहिए।

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