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Showing posts from February, 2017

शहीदों को नमन

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जरा याद में वीर सपूतों के गीले नयन करते हैं आओ हम अपने शहीदों को दिल से नमन करते हैं इस देश की खातिर जिसने सब कुछ बलिदान किया है तन मन अर्पित कर देश को सच्चा सम्मान दिया है कुछ ...

यूपी विधानसभा चुनाव-2017

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उत्तर प्रदेश में इस समय चुनावी समर जारी है जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा कुछ कहा नही जा सकता।इस समय ऐसी कोई पार्टी नही है जो  जीत के लिए पूरी तरह निश्चिन्त हो।हर कोई सिर्फ बातों से अपने आपको विजयी घोषित कर रहा है लेकिन अन्दर ही अन्दर डर भी सता रहा है कि आगे जाने क्या होगा जनता किस तरफ घूमेगी कोई कुछ कह नही सकता। हर किसी पार्टी की कोई मजबूती है तो साथ ही साथ कोई न कोई कमजोरी भी है । जो व्यक्ति जिस पार्टी का समर्थक है अपनी उसी पार्टी को जीता हुआ मान रहा है जबकि सच यह है कि इस समय यूपी में वह माहौल है कि बडे से बडे चुनावी जानकार समझ नहीं पा रहे है कि जीत किसकी होनी है।बहुत से लोग तो यहाँ तक तय कर चुके हैं कि बहुमत से किसी की सरकार बन ही नही सकती है इसके पीछे लोगों का तर्क है कि जनता इस बार खुल के किसी एक पार्टी के समर्थन में नहीं है बल्कि बँटी हुई है। जो पार्टियां जहाँ पर अपना फिक्स वोट समझती थी वहाँ भी दूसरी पार्टियों के द्वारा सेंध लगाई जा चुकी है।  बडे बडे को शूरमाओं को भी अपना अपना गढ बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड रही है। फिलहाल हर पार्टी अपने अपने चुनावी घोषणा पत्र द्वार...

नोटबन्दी-एक विश्लेषण

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भारत के माननीय प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 8 नवम्बर 2016 को एक साहसिक और चुनौती भरा फैसला लिया और घोषणा की   कि- 8 नवम्बर 2016 को आधी रात के बाद से भारत में 500 और 1000 के नोट बन्द किये जाते हैं । ये वो फैसला था जिसने पूरे भारत को हिला के रख दिया क्योंकि भारत में लगभग 86% करेंसी 500 और 1000 रुपये के नोटों के रूप में ही चलन में थी । बस क्या था छोटे  आम आदमी से लेकर बडे बडे उद्योगपतियों , खासकर नेताओं में एक खलबली सी मच गई । प्रधानमंत्री की नोटबन्दी की घोषणा के बाद हर एक राजनीतिक पार्टियों ने जमकर विरोध और बवाल किया।किसी ने संसद में भूकंप उठाए तो किसी ने मोदी की जनता का दुश्मन बताया।हालाँकि ज्यादातर हल्ला वही मचा रहे थे जिनके पास ज्यादा काला धन था और जो आने वाले चुनाव में जमकर काले धन का इस्तेमाल करने वाले थे।नोटबन्दी ने इनकी सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया था। नोटबन्दी की आवश्यकता : विमुद्रीकरण  सरकार और रिजर्व बैंक का एक ऐसा अस्त्र है जिसका इस्तेमाल तब होता है जब सरकार को लगता है कि बाजार में नकदी की मात्रा बढ गई है या जब बाजार में नकली नोटों की मात्रा ...

परीक्षा की तैयारी

जनवरी आते ही स्कूलों कालेजों में होने वाली परीक्षाओं की समय सारणियाँ जारी होने लगती हैं।परीक्षा का नाम सुनते ही हर छात्र की बेचैनी बढ जाती है चाहे वह कालेज का कमजोर छात्र हो या पढने में ठीक ठाक छात्र। सबको चिन्ता सताने लगती है कि पता नहीं यह परीक्षा कैसी जाएगी ,अच्छे नम्बर आ  पाएंगे कि नहीं और जिन्होंने साल भर पढाई के नाम सिर्फ मटरगस्ती की है वो तो कुछ ज्यादा ही परेशान रहते है कि इस बार पास कैसे हुआ जाए। छात्रों में इस तरह की बेचैनी होना भी लाजमी है क्योंकि इस एक परीक्षा पर ही उनके साल भर की पढाई में मेहनत को आँका जाना है तथा आगे के कालेज में दाखिले के लिए भी इसी परीक्षा का प्रदर्शन देखा जाना है। साथ ही साथ बच्चों को अपने माता पिता की अपेक्षाओं पर भी खरा उतरना होता है। यही सब बातें बच्चों को और परेशान और बेचैन करती हैं।ये वह समय होता है जब बच्चों को अपने परिवार और माता पिता के सपोर्ट और मार्गदर्शन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। आइए हम आपको बताते हैं कि एक छात्र को परीक्षा के समय में किस तरह से तैयारी करनी है और इस तैयारी में एक माता पिता को किस तरह से अपने बच्चों का मार्गदर्शन कर...

HAVE MERCY ON BEGGARS.

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      Its common in a place wherein we could see some homeless people.  Not able to eat three times a day, sleeping in the street with their siblings, wearing same clothes in days, children begging for coins for food, instead of attending school at their age. Sometimes I wonder how they survived in everyday living.       I was once walking by a subway heading to train station when I saw this little girl sitting behind with her younger brother. She's about 7 years old, waiting for somebody with a kind heart who will give them coins or food. I asked myself, where are their parents?  I only have a heart shape candy that I was holding that time and some coins in my pocket . I  gave it's all to her. As I saw  her smiles, and her happy face when she received it, my heart jumped for joy. She is watching at my face with with a thankful smile.  I learned from that girl that even a small piece of anything can make you happy if you app...

क्या आप ईश्वर को मानते हैं

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ईश्वर एक ऐसी शक्ति है जिस पर दुनिया के गिने चुने लोगों को छोडकर सब विश्वास करते हैं और जो विश्वास नहीं करते हैं उन्हें नास्तिक कहा जाता है। इससे पहले कि मेरे प्रिय पाठकगण म...

योग और रोग

क्या आप जानते है कि योग आपके लिए कितना लाभदायक है ? शायद नहीं क्योंकि अगर आप जानते होते तो आप योग कर रहे होते। हम यहाँ योग और रोग की बात कर रहे है ।योग और रोग कभी एक साथ नहीं रह सकते इनमें हमेशा शत्रुता ही होती है ।जो व्यक्ति नियमित रूप से योग अभ्यास करता है वह रोगी बन ही नही सकता बशर्ते कि योग शुरू करने से पहले उसको कोई रोग न हो।फिर भी योग शुरू करने से पहले उस व्यक्ति को किसी तरह का कोई रोग है भी तो अगर वह नियमित रूप से योग अभ्यास जारी रखे तो कोई भी असाध्य रोग हो ,जड से खतम हो जाएगा। कम शब्दों में बस आप इतना जान लीजिए कि.."जहाँ योग होता है वहाँ रोग नहीं होता है।" योग जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है गणित की भाषा में  इसका मतलब होता है संख्याओं या वस्तुओं का जोड ,परन्तु शारीरिक योग में योग का मतलब होता है -एक साथ लाना या करना।जब हम अपने मन, अपने शरीर और अपनी आत्मा को एक साथ करने की क्रिया करते हैं तो हम उसे योग कहते हैं।जबकि जो कसरत या व्यायाम होता है वह सिर्फ शरीर से सम्बन्धित होता है ।व्यायाम करने से सिर्फ हमारा शरीर हृष्ट पुष्ट होता है या ताकतवर बनता है इसमें मन और आत्मा को को...