कोरोना के कारण मानसिक दबाव बढने मत दो
भारत सहित पूरी दुनिया इस समय कोरोना महामारी से जूझ रही है। जो संक्रमित हैं वो तो हैं ही साथ ही साथ जो व्यक्ति सामान्य और स्वस्थ हैं वे भी एक मानसिक दबाव झेल रहे हैं। जैसे ही कहीं सुनाई देता है फला जगह पर एक कोरोना पोजिटिव व्यक्ति मिला है अचानक धडकने बढ जाती हैं कि हाय अब क्या होगा यह वायरस तो थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक अजीब सा डर मन में घर कर गया है कि कहीं यह वायरस हमारे मोहल्ले गाँव या घर तक न आ जाए। कुल मिलाकर कहा जाए तो लोग कोरोना के भय में मानसिक रूप से बीमार हो रहे हैं। इसके बाद जो तरह तरह की गलत अफवाहें फैल रही हैं उससे मन और भी बेचैन हो उठता है। थोडी सी भी सामान्य खाँसी या जुखाम बुखार हो गया तो बस फिक्र सताने लगी कि कहीं ये वो तो नहीं.. ऐसे में क्या किया जाए जाए कि लोग इस तरह के मानसिक दबाव से बाहर आ सकें । इसके लिए हम आपको कुछ बातें बता रहे हैं जिनको अमल में लाकर आप अपने आपको मानसिक रूप से दृढ़ रख सकेंगे- 👍 सबसे पहले तो यदि आपके मन में किसी तरह की नकारात्मक सोच ने घर बना रखा है तो सकारात्मक में बदलिए। जैसे कि कुछ लोग बोलते हैं कि कोरोना जिसको हुआ उसकी म...