आए दिनों सोशल मीडिया पर मैसेज आता रहता है कि अयोध्या में राम मंदिर बनना चाहिए या फिर बाबरी मस्जिद ? जाहिर सी बात है कि इस सवाल के जवाब में एक मुस्लिम धर्म को मानने वाला बाबरी मस्जिद का पक्ष लेगा और हिन्दू धर्म को मानने वाला राम मंदिर का। इस सवाल के जवाब में अपनी व्यक्तिगत राय देना अच्छी बात है लेकिन जब हम इस एक सवाल के लिए लोगों को आपस में लडते झगडते देखते हैं ,गाली गलौज करते देखते हैं तो बडा दुख होता है। हमारे पास जब इस तरह का मैसेज बार बार आता है तो कभी कभी सोचते हैं कि देश में लोगों को आपस लडाने के लिए या शान्ति भंग करने के लिए ऐसे ऐसे मुद्दे उपलब्ध हैं तो देश को हानि पहुँचाने के लिए किसी आतंकवादी की जरूरत ही नहीं है। हम समझते हैं कि अयोध्या में राम मन्दिर बनेगा या बाबरी मस्जिद , इस मुद्दे से आम आदमी को कोई फायदा नहीं होने वाला । हाँ , राजनीतिक दल वोट बटोरने के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल बखूबी करना जानते हैं।ऐसा नहीं है कि सरकार या नेताओं के पास अयोध्या मामले का हल नहीं है,बस वे इस मसले को हल होने ही नहीं देना चाहते क्योंकि अगर अयोध्या का मसला सुलझ गया त...