आंखें मूँद के जिसपर हो ऐतबार, है मेरी माँ जिसकी गोद में बडा हुआ जिसके सहारे खडा हुआ मेरे इस जीवन का आधार है मेरी माँ वो दुनिया में गर न होती तो मैं न होता वो रातों में गर न जगती त...
जिसकी एक हँसी से मेरा मन रहता है हर्षित मेरा ये सारा जीवन मेरी माँ को समर्पित चीख पडी जो बिना वजह जब जब मैं रोया चीखा जिसकी उँगली थाम के जीवन में है चलना सीखा उसके कदमों म...