मेरा जीवन मेरी माँ को समर्पित
जिसकी एक हँसी से मेरा मन रहता है हर्षित
मेरा ये सारा जीवन मेरी माँ को समर्पित
चीख पडी जो बिना वजह
जब जब मैं रोया चीखा
जिसकी उँगली थाम के जीवन
में है चलना सीखा
उसके कदमों में दुनिया की
खुशियाँ कर दूँ अर्पित
मेरा ये सारा जीवन मेरी माँ को समर्पित
मोल चुकाएगा कैसे कोई
उसकी ममता का आखिर
लड जाती है सबसे जो
अपने बच्चों की खातिर
हर हाल में पूरी करती है
बच्चों की अच्छी बुरी जिद
मेरा ये सारा जीवन मेरी माँ को समर्पित
हमें सुलाने खातिर जिसके
नैना हरदम जागे
वो कुपूत होंगे जिनको
माँ की ममता के आगे
धन दौलत और सोने चाँदी
ही करते हैं आकर्षित
मेरा ये सारा जीवन मेरी माँ को समर्पित
जिनकी वजह से मन मेरा रहता है हर्षित
मेरा ये सारा जीवन मेरी माँ को समर्पित
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ReplyDeleteBest Book Publisher India
Yes thinking about it.
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