चलते रहो जब तक चलें राहें
खुल जाएगी किस्मत मेहनत की चाबी से होने लगेगा इश्क तुम्हें जब कामयाबी से किसने कहा नाकाम हो जाओ तो रो लो इक राह हुई जो बन्द यार दूसरी खोलो इक जिन्दगी खातिर सौ बार मरते हो असफलता से डरके क्यों आहें भरते हो अपना करम करना ही काम है अपना सपना हो कि पूरा हो न पूरा हुआ सपना जीवन में मेहनत गुल जब खिल ही जाएगा तो किस्मत में जो होगा वो मिल ही जाएगा जब तक मिले न कामयाबी खोलकर बाहें ऐ "राज' बस चलते रहो जब तक चलें राहें ऐ "राज' बस चलते रहो जब तक चलें राहें