शहीदों को नमन


जरा याद में वीर सपूतों के गीले नयन करते हैं
आओ हम अपने शहीदों को दिल से नमन करते हैं

इस देश की खातिर जिसने सब कुछ बलिदान किया है
तन मन अर्पित कर देश को सच्चा सम्मान दिया है
कुछ पुष्प चलो हम मिलकर उनको अर्पण करते हैं
आओ हम  अपने शहीदों को दिल से नमन करते हैं
जो सोते नहीं थे इक पल ताकि हम चैन से सोएं
अनमोल जवान थे जिनको सीमा पर हमने खोए
भारत के तिरंगे खातिर जो छलनी बदन करते हैं
आओ हम अपने शहीदों को दिल से नमन करते हैं
दिए इतने जला लो दिल में कि नूर न कम हो उनका
करो इतनी दुवा दिल से फिर भारत में जनम हो उनका
अश्कों से उनकी खातिर चलो मिलके हवन करते हैं
जरा याद में वीर सपूतों के गीले नयन करते हैं
आओ हम अपने शहीदों को दिल से नमन करते हैं।
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हमारा भारत महान है हम बडे गर्व से कहते हैं इसका कारण है हमारे देश की अद्वितीय सभ्यता और संस्कृति। साथ ही साथ इस सभ्यता और संस्कृति तथा भारत के नागरिकों की सुरक्षा करने वाले वीर जवानों की बदौलत हम पूरी दुनिया में अपना सिर ऊँचा करके बडे फख्र से और घमण्ड से कहते हैं कि हम भारतीय हैं और भारत हमारी शान।
आज दुनिया का ऐसा कोई देश नही है जो भारतीय सेना का लोहा न मानता हो।चाहे वह हमारी जल सेना हो ,थल सेना हो या वायु सेना हो इस समय इतनी सुदृढ और मजबूत हो चुकी है  कि हर कोई खौफ खाने लगा है। चीन और पाकिस्तान जैसे देश तो पहले से ही भारतीय सेना का पराक्रम देख चुके है ।अब आलम यह है कि भारत के जो दुश्मन जान चुके हैं कि आमने सामने से भारतीय सेना का मुकाबला नही किया जा सकता वो अब आतंकवादी घुसपैठियों का सहारा ले रहे है भारत को बरबाद करने के लिए, लेकिन अभी तक हमारी सेना के जवानों  ने उन्हें कामयाब नही होने दिया है।
क्या आपको पता है कि सीमा पर हमारे वीर जवान किस तरह अपनी हथेली पर रखकर देश की सुरक्षा में लगे हैं? हम अपने घरों में चैन की नींद सोएं इसलिए हमारे सैनिक सोते ही नही हैं।पडोसी देशों के द्वारा किए जा रहे लगातार हमले पर हमले ,आतंकवादी घुसपैठियों को अवैध तरीके से भारत में घुसने से रोकने के लिए जवान अपनी जान की बाजी लगा देते हैं और हम हैं कि अपने एशो आराम में इतने मशगूल रहते हैं कि जैसे कुछ हुआ ही न हो।
हम तो बस साल में जब 15 अगस्त आता है तो बस स्टेज पर खडे होकर शहीदों पर बस कुछ शब्द बोलकर औपचारिकता पूरी कर लेते हैं।
हममें से कितने लोग तो 15 अगस्त के दिन भी शहीदों के सम्मान में शामिल नहीं होते।आए दिन आतंकवादियों की मुडभेड में देश के नौजवान शहीद हो रहे हैं।
शायद ऐसे लोगों को पता नही होता है कि देश के जवान किन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी सम्भाले हुए है। चाहे सर्दी का मौसम हो चाहे बरसात का वे 24 घण्टे सीमा पर चुस्त दुरुस्त होकर तैनात रहते हैं।हम अपने परिवार के साथ रहते हैं अगर हम कुछ दिनों के लिए अपने घर वालों से दूर हो जाएं तो घर का हर सदस्य परेशान होने लगता है कि हम ठीक हैं कि नही , तो जरा सोचिए उन जवानों के बारे में जो अपने बीवी बच्चे ,माँ बाप से सालों दूर रहते हैं और वो भी ऐसे माहौल में जिन्दगी और मौत के बीच बहुत थोडा सा फासला ही रहता है । जवानों के ये परिवार किस तरह से अपने आपको समझाते होंगे ? आखिर उनमें इतनी हिम्मत कहां से आती है ? ये हिम्मत उस जुनून से आती है जो दिलों में भरा होता है अपने देश के लिए। मैं शहीदों के साथ साथ उनके परिवार वालों को भी दिल से सैल्यूट करता हूँ जिन्होनें अपने बच्चे,अपने पति और अपने भाई को जंग के मैदान में खोया है। हमें इन वीर शहीदों का सम्मान सिर्फ जुबान से नही पूरे दिल से करना है, इनको सिर्फ स्वतंत्रता दिवस के दिन नही बल्कि हर दिन याद करना है और इमेशा इन्हें शुक्रिया कहना है हमारी और हमारे देश की सुरक्षा करने के लिए।
अगर आप कभी भी किसी ऐसे परिवार से मिलें जिनके घर का कोई सदस्य सेना में हो तो उस परिवार को ,भारत को एक वीर सपूत  देने के लिए धन्यवाद जरूर करना।
अभी कुछ दिन पहले न्यूज और सोशल मीडिया के द्वारा मैंने पढा कि कुछ अराजक तत्वों द्वारा देश के शहीदों के बारे में अपमानजनक टिप्पणियाँ की गई।क्या एक भारतीय ऐसा कर सकता है ? हो सकता है कि टिप्पणी करने वाला इंसान भारतीय न हो या किसी दुश्मन देश का हो और फर्जी अकाउंट बनाकर ऐसा कर रहा हो। पर अगर वह भारतीय था तो ये बहुत ही शर्मनाक और निन्दनीय है ।ऐसे लोगों के लिए मैं कहना चाहूंगा कि---

अगर ना हो सके तुमसे तो तुम सम्मान मत करना
मगर अपने शहीदों का कभी अपमान मत करना
कोई कुछ भी कहे लेकिन तुम इतना जान लो हमदम
जवानों की बदौलत ही सुरक्षित हैं घरों में हम
भले इस देश पर तुम अपना कुछ कुर्बान मत करना
मगर अपने शहीदों का कभी अपमान मत करना
वीरता की रोशनी इनकी ना होगी कभी भी मन्द
अगर तारीफ ना तुम सुन सको तो कान कर लो बन्द
भले अपनी जुबाँ से इनका तुम गुणगान मत करना
मगर अपने शहीदों का कभी अपमान मत करना
अगर ना हो सके तुमसे तुम सम्मान मत करना
मगर अपने शहीदों का कभी अपमान मत करना

हमारे देश के जवान हमारी शान हैं । अगर जवान सरहद पर देश की सुरक्षा के लिए हरदम तैयार रहते हैं तो क्या हमारा फर्ज नहीं बनता कि हम उनके त्याग उनकी कुर्बानी को व्यर्थ न जाने दें।हम सरहद पर जाकर उनका हाथ तो नही बँटा सकते लेकिन हम उनका हौसला तो बढा ही सकते हैं।  अगर वो हमारी सुरक्षा के लिए सीमा पर अपना कर्तव्य पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभा रहे हैं तो क्या हम अपने देश के अन्दर अमन और शान्ति कायम रख कर अपना कर्तव्य नही निभा सकते ? आज पडोसी मुल्कों की कुछ ताकतें हमें आपस में तोडकर भारत का सर्वनाश करना चाहती हैं इसलिए अब हमें एक होना है। काहे का हिन्दू, काहे का मुस्लिम , काहे का सिख और काहे का ईसाई ,आखिर हमारा देश तो एक है। अगर हमारा घर एक है तो अपने घर  में शान्ति और अमन कायम हर एक का कर्तव्य है। हमारी सेना में हर धर्म के जवान हैं लेकिन वो कभी एक दूसरे से भेदभाव नही रखते मिल कर दुश्मन को धूल चटाते हैं,बस वही एकता देश के अन्दर भी चाहिए।
याद रखिए अगर हम सब एक हो गए तो भारत दुनिया के सबसे बडी एकता वाले देशों मे गिना जाएगा और दुनिया की कोई भी ताकत इसे तोड नही सकेगी। हमारे जवान जो हमारे लिए शहीद हो गए उनकी आत्माओं को तभी शान्ति मिलेगी जब हम आपस में एक होकर रहेंगे और यही उनके लिए सच्ची श्रद्धान्जलि होगी।
जय जवान
जय हिन्द।

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