खुश रहने के तरीके
हमेशा खुश रहना एक कला है जो सबको नहीं आती
और जिनको आती है वो कभी भी निराश या दुखी नहीं हो सकते।खुश रहने वाले इंसान के सामने कभी भी कोई भी समस्या टिक नहीं पाती क्योंकि खुश रहने वाले इंसान का दिमाग हमेशा शान्त और ठण्डा रहता है जिसकी वजह से वह एक टेंशन और गुस्से में रहने वाले इंसान से कहीं जल्दी और सही फैसले लेने में सक्षम होता है । जाहिर सी बात है कि अगर इंसान सही फैसले लेता है तो जिन्दगी बहुत आसान सी लगने लगती है।खुशमिजाज इंसान की अपने आस पडोस , रिश्तेदारों और दोस्तों से घुलमिल कर रहने की वजह से कभी भी बुराई नहीं होती।
और जिनको आती है वो कभी भी निराश या दुखी नहीं हो सकते।खुश रहने वाले इंसान के सामने कभी भी कोई भी समस्या टिक नहीं पाती क्योंकि खुश रहने वाले इंसान का दिमाग हमेशा शान्त और ठण्डा रहता है जिसकी वजह से वह एक टेंशन और गुस्से में रहने वाले इंसान से कहीं जल्दी और सही फैसले लेने में सक्षम होता है । जाहिर सी बात है कि अगर इंसान सही फैसले लेता है तो जिन्दगी बहुत आसान सी लगने लगती है।खुशमिजाज इंसान की अपने आस पडोस , रिश्तेदारों और दोस्तों से घुलमिल कर रहने की वजह से कभी भी बुराई नहीं होती।
कुछ लोग कहते है कि खुश रहना कौन सी बडी बात है खुश तो कोई भी रह सकता है बस खुश रहने की वजह होनी चाहिए।अजी, मैं कहता हूँ कि अगर खुश होने की वजह हो फिर तो कोई भी खुश हो जाता है मगर बडी बात तो तब है जब आदमी खुशी न होते हुए भी खुशी ढूंढ ले या खुश होने का बहाना ढूंढ ले।ऐसे इंसान बहुत कम ही देखने को मिलते हैं जो कभी भी हालात से समझौता नहीं करते बल्कि हर हालात का खुश रह कर सामना करते हैं। क्या आप जानते हैं कि आप 24 घण्टों में कितनी देर खुश और कितनी देर नाराज या गुस्सा रहते हैं ? शायद आपने कभी ध्यान न दिया हो लेकिन अगर ध्यान दें तो पायेंगे कि ज्यादातर समय आप टेंशन में ही बिताते है ।छोटी छोटी बात पे भी गुस्सा करना आजकल आम बात हो गई है ।
हर इंसान के जीवन में खुशियाँ और तकलीफ बराबर होती हैं पर हर इंसान को हमेशा ऐसा लगता है कि ऊपर वाले ने दुनिया भर का दुख उसी को दिया है जबकि ऐसा होता नहीं है।हर इंसान को ईश्वर की तरफ से सुख और दुख समान मात्रा में मिलते हैं बस फर्क सिर्फ इतना है कि जो सुख का समय है वो जल्दी से कट जाता है इसलिए सुख हमेशा कम ही लगता है और दुख का समय थोडी देर से कटता है इसलिए ज्यादा लगता है ।सुख और दुख एक क्रम में चलते हैं हर दुख के बाद सुख को आना ही आना है ,बस थोडे से धैर्य की जरूरत होती है जो हर इंसान के पास नहीं होता।
आइए हम आपको बताते हैं कि किसी भी माहौल में किस तरह खुश रहा जा सकता है।
1- हमेशा अपने दिमाग को शान्त और ठण्डा रखें
2-जो इंसान या काम आपको टेंशन दे रहा है थोडी देर उसके बारे में सोचना बन्द करें और कुछ देर वो काम करें जिसमें आपको खुशी मिलती हो ।जब एक बार आपके मन में खुशी पहुँच जाएगी तो आपका मन रिफ्रेश हो जाएगा और आप बेहतर फैसले ले सकेंगे।
3-फिर भी अगर आपको टेंशन देने वाला इंसान बहुत खास है और आप उसे भूल नहीं.पा रहे हैं तो उससे खुल के बात कीजिए ,जो भी मन में हो सब बिना संकोच या डर कह डालिए।अगर आप भी उसके लिए कुछ एहमियत रखते होंगे तो वो आपको समझेगा और अगर नहीं समझता तो आप भी अपने खास इंसानों वाली लिस्ट से उसका नाम काट दीजिए,और आगे बढिए।
4- खुद को दुनिया का गुलाम नहीं राजा समझिए इससे कान्फिडेन्ट लेवल ऊँचा रहेगा
5- मन में कोई ऐसी बात हो जो आपको टेंशन दे रही हो उसे तुरन्त किसी से शेयर करे,मन हल्का होगा।
6-हमेशा मुस्कुराने का प्रयास करे चाहे आपकी मुस्कान झूठी ही क्यों न हो।
7-किसी की बुराई अगर करनी हो तो उसके सामने कीजिए बहुत मजा आएगा।
8-अच्छे दोस्तों से कुछ न छुपाएं।
9-जब भी मौका मिले खुल के हँसिए।
10-किसी के साथ हैं तो 2मिनट से ज्यादा खामोश मत रहिए और किसी सवाल का जवाब देने के लिए10 सेकेण्ड से ज्यादा टाइम न लें
11- अगर किसी से रूठे हैं तो जल्द से जल्द मान जाइए और अगर कोई आपसे रूठा है तो उसे मना लीजिए।
12-टी.वी. पे सीरियस प्रोग्राम के बाद कामेडी प्रोग्राम जरूर देखें।
13-सोशल नेटवर्क पे चैटिंग से ज्यादा तरजीह आमने सामने की बातचीत को दें।
14-दिन भर में कम से कम कोई एक खेल जरूर खेलिए।
15-ज्यादा देर अकेले न बैठें।
16-जो होता है अच्छे के लिए होता है हमेशा यही सोच रखें
17-नकारात्मक विचार मन में न आए हमेशा सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान दें।
18- कही सुनी बात या अफवाह पर ध्यान न देकर खुद जांचें परखें फिर अपनी बात रखें।
19-इतना खयाल रहे कि आप कुछ भी कर सकते हैं।
20-सिर्फ अच्छी बातों को सीरियसली लें बेकार बातों को समझकर सिर्फ आनन्द लें।
ऊपरोक्त बातों को अपनाकर आप हमेशा खुश रह सकते हैं और जब आप खुश रहेंगे तो आप किसी भी समस्या का सामना आसानी से कर सकते हैं साथ ही साथ निम्न बातों पर भी ध्यान दीजिए-
अपनों को मनाना जरूरी है:
अगर कोई आपसे नाराज है या क्रोधित है तो ये आपकी जिम्मेदारी है
कि आप उस इँसान को मनायेँ । ये सोचकर चुप रहना कि वक्त सब सही कर देगा एक बहुत बडी भूल है बल्कि कुछ गलतफहमियाँ ऐसी होती हैँ
जो वक्त के साथ रिश्तों मेँ और तनाव पैदा करती हैँ । इसलिये खामोशी किसी समस्या का हल नहीँ है । जब तक आप असल मुद्दे
पे बात नहीँ करेँगे जब तक आप बात करने की हिम्मत या कोशिश नहीँ करेँगे बात नहीँ बनेगी । आप दूसरों के जरिये नहीँ बल्कि
खुद व्यक्तिगत रूप से प्रयास कीजिये क्योंकि रिश्तोँ मेँ सिफारिश नहीँ चलती इसमेँ सिर्फ भावनाओँ की कद्र होती है ।
खुद टेंशन न लें:
अवसाद या टेँशन को अगर आप अपने ऊपर हावी होने देंगे तो वो आपके ऊपर शासन करेगा और आपको अपने हिसाब से सँचालित करेगा । इसके बिपरीत अगर आप अवसाद को अपने ऊपर हावी नहीँ होने देंगे तो वो आपके हिसाब से चलेगा आप जब चाहेंगे उसे अपने जीवन से उखाड़ फेकेँगे । बस करना इतना है कि छोटी छोटी बातों पर नाराज होने के बजाय अपने आप को सम्भालकर अपने मन को प्रसन्न रखने का प्रयास करना चाहिए ।
हमेशा मीठा बोलें:
हर किसी का बात करने की अपनी एक शैली होती है । लेकिन किसी को अपनी बातों से आकर्षित कर लेने की शैली किसी किसी के पास ही होती है । आप किसी से भी बात कर रहे हो चाहे वह छोटा हो या बड़ा , आपकी हैसियत का है या छोटा आपकी बात मे हमेशा मिठास होनी चाहिये । अगर आप के पास मीठी बोली है तो आपको किसी से कभी निराशा प्राप्त नही होगी ।जीवन का ये सच हमेशा आपकी इज्जत को ऊँचा ही उठाएगा ।
कहा भी गया है
ऐसी बानी बोलिए मन का आपा खोए ।
औरन को शीतल करे आपहु शीतल होय ।
खुश रहने के फायदे:
आप सोच रहे होंगे कि मैं कब से खुश रहने की ही बात किए जा रहा हूँ आखिर क्यों? क्योंकि मै खुद ऐसा इंसान हूँ जो हमेशा खुश रहता है और मैं चाहता हूँ कि दुनिया का हर इंसान हमेशा खुश रहे ।
खुश रहने का सबसे बडा फायदा यह है कि इससे आपका दिल निरोग और स्वस्थ रहेगा और आपको उम्र के किसी भी पडाव पर दिल की कोई बीमारी नही होगी आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा,रक्तचाप हमेशासही रहेगा, सबसे व्यवहार अच्छा रहेगा और जीवन का लक्ष्य भी यही है।आखिर इंसान जिन्दगी भर मेहनत इसीलिए तो करता है कि उसका जीवन खुशहाल रहे इसलिए खुश रहिए और औरों को भी खुश रखने की कोशिश कीजिए।
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