शिक्षक ही तो जीवन को सम्पूर्ण बनाता है
हम क्या हैं क्या कर सकते हैं हमको बतलाता है
एक शिक्षक ही तो जीवन को सम्पूर्ण बनाता है
सादे घडे जैसा होता है मानव का यह जीवन
एक शिक्षक ही तो ज्ञान का उसपर रंग चढाता है
ताकि हम भटक न जाएं जीवनपथ के अंधेरों में
मस्तिष्क में वो हर रोज नए नए दीप जलाता है
तो चरण स्पर्श है दुनिया के उन सारे गुरूओं को
जिनकी कृपा से यह जीवन जीवन बन जाता है
हम क्या हैं क्या कर सकते हैं हमको बतलाता है
एक शिक्षक ही तो जीवन को सम्पूर्ण बनाता है
दोस्तों एक शिक्षक को परिभाषित करने का सवाल है तो इस बारे में हम सिर्फ इतना ही कह सकते हैं कि-
उचित नहीं कुछ शब्दों में शिक्षक की परिभाषा दूँँ
अजी शिक्षक का गुणगान कहाँ शब्दों में समाता है
माँ बाप बहन हो भाई हो दुश्मन हो या हो मित्र
अरे ज्ञान मिले जिससे वो ही शिक्षक कहलाता है

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