शीतपित्त (Urticaria) की समस्या
शीतपित्त या अर्टिकेरिया एक ऐसी बीमारी है जो अक्सर बारिश के दिनों में या सर्दी के मौसम में ज्यादा परेशानी पैदा करती है। यह एक तरह की एलर्जी है जिसमें हाथों पैरों या फिर पूरे शरीर पर चकत्ते पड जाते है यानि त्वचा उभरने लगती है। त्वचा पर यह उभार जितना ऊपर होता उतना ही त्वचा के नीचे भी बढता जाता है। अक्सर इसके साथ साथ त्वचा में खुजली भी होती है लेकिन कभी खुजली नहीं भी होती है सिर्फ चकत्ते पड जाते हैं और उसमें हल्दी हल्की सूई की चुभन जैसा कुछ महसूस होता है। शुरू में तो यह ज्यादा परेशानी पैदा नहीं करता लेकिन जैसे जैसे यह बढता जाता है इंसान की खुजली और दर्द बढता जाता है । अगर सही समय पर इसका इलाज न हो धीरे धीरे यह पूरे शरीर पर फैल जाता है और अस्पताल में भर्ती होने तक की नौबत आ जाती है। कभी कभी तो यह इतना बढ जाता है कि इंसान की मौत तक हो जाती है।
अक्सर देखा गया है कि शीतपित्त में ऐलोपैथिक एंटीबायोटिक दवाएं तुरन्त राहत तो दे देती हैं लेकिन दवा का असर खत्म होते ही एलर्जी वापस आ जाती है इसलिए यदि आप इसका स्थाई उपचार चाहते हैं तो आयुर्वेद या होम्योपैथी दवाओं के इस्तेमाल पर ज्यादा फोकस करें ये दवाएं धीमा काम करेंगी लेकिन लम्बे समय तक के लिए आपको राहत भी प्रदान करेंगी।
शीतपित्त के कारण:
शीतपित्त होने के बहुत सारे कारण होते हैं जिसमें सबसे बडा कारण है इंसान की प्रतिरोधक क्षमता अर्थात रोगों से लडने की ताकत शरीर में कम होना । गलत खानपान, फ्रिज का पानी पीना , कोल्डड्रिंक पीना या बासी खाना भी इसका एक कारण हो सकता है। जब हमारे शरीर की रोगों से लडने की क्षमता घटने लगती है तो जरा सा बारिश में भीग जाने पर, गन्दे पानी के सम्पर्क में आने पर, डण्डी चीजों के सेवन करने पर हमारी त्वचा जल्द इन्फेक्टेड होने लगती है जिसे हम सामान्य रूप से एलर्जी का नाम देते हैं।
सामान्य उपचार:
वैसे तो जैसे शीतपित्त या किसी भी तरह की एलर्जी के संकेत दिखे तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ या किसी अच्छे डाक्टर की सलाह लेनी चाहिए लेकिन कुछ घरेलू उपाय है जिनको अपनाकर आप तुरन्त राहत पा सकते हैं।
☺️ अगर शरीर में सिर्फ सामान्य खुजली हो रही है या एलर्जी अभी शुरुआत अवस्था में है तो सरसों के तेल में नमक मिलाकर एलर्जी वाली जगह पर लगाएं तुरंत खुजली से राहत मिलेगी ।
☺️ नारियल के तेल में कपूर मिलाकर लगाने से भी शीतपित्त में तुरंत राहत मिलती है और दो तीन बार लगाने से त्वचा पुनः सामान्य अवस्था में आ जाती है । इसके इस्तेमाल से कभी कभी लम्बे समय तक रोगी को राहत मिल जाती है।
☺️ इन्फेक्टेड जगह पर नीम की पत्तियों का लेप लगाने से भी चकत्ते सही हो जाते हैं और खुजली भी खत्म हो जाती है।
☺️ दो गिलास पानी में 100 ग्राम नीम के पत्ते उबालें और एक से डेढ गिलास पानी रहने तक उबलने दें फिर डण्डा करके उसमें 5 ग्राम कपूर और उतनी ही फिटकरी पीसकर मिलाकर रख लें और चकत्ते या खुजली की जगह पर लगाया करें । इससे भी खुजली और सामान्य एलर्जी में बहुत राहत मिलती है।
☺️यदि आप शीतपित्त का स्थाई या लम्बे समय तक राहत पाना चाहते हैं तो 5 काली मिर्च पीस लें और 5 चम्मच गाय का घी तथा 5 चम्मच खांड या गुड में अच्छी तरह मिक्स करके सेवन करें । ऐसा तीन से चार बार करें आपको फर्क दिखाई देने लगेगा।
नोट: ऊपर बताए गए उपाय प्राकृतिक है और किसी भी तरह नुकसान नहीं पहुँचाते फिर भी इस्तेमाल करने से पहले वैद्य या डाक्टर मिल लें और अपनी एलर्जी की प्रकृति के बारे जानकारी ले लें।

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