कोरोना :सतर्कता ही बचाव है
कोरोना वायरस दुनिया भर के लिए चिन्ता का विषय बन चुका है। अभी तक इसका कोई कारगर इलाज, दवा या टीका उपलब्ध नहीं हो सका है। दिनों दिन यह संक्रमण लोगो में बढता ही जा रहा है जिससे लोगों में खलबली सी मची हुई है । इसके इलाज के लिए विभिन्न प्रकार के प्रयोग और खोज जारी है लेकिन अभी तक इसमें सफलता नहीं मिल सकी है। ऐसे में लोगों के पास एक ही रास्ता है कि वो साफ सफाई रखें, संक्रमित लोगों से दूर रहकर अपना बचाव स्वयं करें।
लक्षण : तेज बुखार के साथ खाँसी और साँस लेने में तकलीफ, घबराहट ,चक्कर आना ।
क्या सतर्कता बरतें ?
सबसे पहले तो आप इस वायरस के बारे में सही जानकारी प्राप्त करें और किसी तरह की अफवाह के चक्कर में न आए जो आपमें फालतू की घबराहट पैदा करे । आइए इस वायरस के बारे में आपको कुछ जानकारी देते हैं -
☺️ यह एक लाइलाज संक्रमण है जिसका अभी तक कोई कारगर इलाज उपलब्ध नहीं है ।
☺️ याद रखिए अभी तक भारत में यह संक्रमण अपने आप नहीं होता बल्कि तब होता है जब आप किसी संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आते हैं।
☺️ आप साफ सफाई पर विशेष ध्यान देकर, संक्रमित व्यक्ति से दूर रहकर अपने आपको इससे बचा सकते हैं।
☺️चूंकि यह पता करना आसान नहीं है कि कौन सा व्यक्ति इस वायरस से संक्रमित है इसलिए बेहतर होगा कि किसी व्यक्ति से हाथ न मिलाएं , मुँह के बहुत करीब आकर बातचीत न करें (कम से कम एक मीटर की दूरी रखें) ।
☺️ यह जानना भी जरूरी है कि यह वायरस त्वचा के सम्पर्क में आने से नहीं फैलता बल्कि खाँसने और छींकने वाले व्यक्ति के मुंह या नाक से निकलने वाले द्रव्य के कणों से फैलता है इसीलिए सलाह दी जाती है कि खाँसने या छींकने वाले व्यक्ति से एक मीटर की दूरी रखें या अपने मुंह व नाक पर मास्क लगाए ताकि छींकने या खाँसने वाले व्यक्ति के मुंह या नाक से निकलने वाले द्रव्य कण आप तक न पहुंचे।
☺️यह वायरस चिकन मीट मछली या अण्डे खाने से फैलता है अभी तक इसका कोई प्रमाण तो नहीं मिला है फिर कच्चे माँस को छूने या माँसाहारी भोजन करने से बचेंगे तो ज्यादा बेहतर रहेगा।
☺️ लहसुन खाने से इस वायरस से बचाव हो सकता है अभी तक इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है लेकिन यदि आप लहसुन का सेवन करते हैं तो यह आपकी सेहत के लिए अच्छा ही है क्योंकि इसमें अच्छे प्रतिरोधक गुण पाए जाते हैं।
☺️ जरूरत न हो तो बाहर न ही निकलें । सामुहिक कार्यक्रम में या भीड वाली जगहों पर जाने से बचें।
☺️ हम अपने हाथों से अक्सर अपनी आँख मुँह और नाक छूते रहते हैं इसलिए सम्भावना रहती है कि आपके हाथों के जरिए यह वायरस आपके अन्दर प्रवेश कर सकता है अतः अपना हाथ नियमित अन्तराल से धोते रहें।
☺️ अगर आपको लगता है कि आप इस संक्रमण से संक्रमित हैं तो इसे छुपाए नहीं बल्कि इसकी जाँच कराएं इससे आप अपने अपनों इस संक्रमण से बचा सकते हैं।
☺️यदि आप को खुद सर्दी खाँसी या छींक आ रही है तो अपने मुँह व नाक पर रूमाल लगाकर की खाँसें ताकि दूसरे लोग संक्रमित न हों।
☺️यह संक्रमण मच्छरों के काटने से नहीं फैलता फिर भी मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और अपने आसपास साफ सफाई रखें।
☺️ बासी खाना इस्तेमाल न करें और बाजार की बनी खाने पीने की चीजें न खाने से परहेज करें तब तक जब तक कि इस वायरस का उचित उपचार उपलब्ध नहीं हो जाता।
उपरोक्त बातों को ध्यान में रखें और फालतू की अफवाहों में आकर घबराएं नहीं। खुद को भी सुरक्षित रखें और दूसरों को सही जानकारी देकर सावधानी बरतने को प्रेरित करें। सरकार और हमारे वैज्ञानिक इस वायरस के इलाज के लिए उचित इलाज खोज रहे हैं आशा है कि हम कामयाब होंगे।

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