मोहब्बत क्या है



प्यार क्या है ? मोहब्बत क्या है ? सवाल छोटा सा है पर जवाब कितना भी बडा क्यों न दिया जाए कम ही लगेगा। हर इंसान की नजर में प्यार की अपनी एक परिभाषा होगी। किसी के लिए अपनों का खयाल रखना ही प्यार है तो हो सकता है किसी के लिए खयालों में अपनों को रखना मोहब्बत हो। वास्तव में  प्यार की कोई भी परिभाषा दी जाए ऐसा लगता है कि कुछ छूट सा गया है । प्यार को समझाने के लिए कितने भी शब्द खोज के लाओ  इसे एक परिभाषा में समेटना आसान नहीं लगता।
आपको कैसे पता चलेगा कि कोई आपसे प्यार करता है , आप कैसे महसूस करेंगे प्यार को  ? काम से थके हारे जब आप शाम को घर लौटते हैं और बीवी के मुस्कुरा देने से आपकी थकान या टेंशन खत्म हो जाए तो ये मोहब्बत है। इंसान कितना भी बिजी हो अगर प्रेमी या प्रेमिका का  फोन आ जाए और मन बहुत शांति का अनुभव करे या होंठ बेवजह मुस्कुरा उठे तो ये मोहब्बत है। याद रखिए यदि आपकी गर्लफ्रैंड या ब्वॉयफ्रेंड आपका फोन आने से परेशान हो जाता है, दिक्कत महसूस करता है, चिढ सा जाता है या फिर दूसरों के पास होने का बहाना करता है भले ही उन दूसरे लोगों को उसके फोन पर बात करने से कोई दिक्कत न हो, या फिर आपका ब्वॉयफ्रेंड या गर्लफ्रैंड बिना किसी वजह या मजबूरी के, अपने दोस्तों के सामने आपसे बात करने में असहजता का अनुभव करता है तो ये मोहब्बत नहीं है बल्कि एक समझौता है जिसे वह आपसे जबरदस्ती बात करके पूरा करता है। ऐसी मोहब्बत ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाती।
कुछ लोग कहते हैं कि एक दूसरे को खुश रखने के लिए अपनी इच्छाओं का त्याग करना  मोहब्बत है । ये भी सही है मगर ये तब अच्छा साबित होगा जब दोनों तरफ की सोच ऐसी ही हो। किसी अपने की खुशी देखकर खुश हो जाना और परेशान देखकर खुद परेशान हो जाना प्यार का ही एक रूप है। दुनिया में ऐसा कोई इंसान नहीं है जो कुछ न कुछ काम न करता हो लेकिन इस व्यस्तता के चलते आप अपनों को इग्नोर नहीं कर सकते। अपने प्यार के लिए समय देना उतना ही जरूरी है जितना कि एक छोटे पौधे को दिन में कम से कम एक बार पानी देना।
अगर आपका चाहने वाला आपकी हरकतों से बार बार रूठता है लेकिन आप उसे मनाना उचित नहीं समझते बल्कि आपने उसके बारे में एक सोच बना ली है कि अरे ये तो उसकी आदत है बार बार रूठने की।  इस मामले में आप गलत हैं ।आपने उसके बारे में तो धारणा बना ली लेकिन क्या आपने अपनी हरकतों या आदतों के बारे में सोचा जिनकी वजह से वह रूठता है ? हो सकता है कि आपकी आदतें ही ऐसी हों जिससे कि उसका रूठना जायज हो। कभी कभी इंसान आपसे रूठता है और खुद ही मान जाता है और बात करने लगता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप हमेशा सही थे और उसका रूठना गलत था। वह इंसान आपकी गलती होते हुए भी खुद मान जाता है तो हो सकता है वह आपको किसी कीमत पर खोना नहीं चाहता हो। जो इंसान आपकी गलतियां होते हुए भी आपसे प्यार करे उसकी मोहब्बत बेदाग बेपनाह और सच्ची होती है। इस तरह से प्यार करने वाले दुनिया में 5-7%  ही होते हैं और उन्हें मिलते हैं जिनकी किस्मत अच्छी होती है वरना आजकल तो एक गलती पर लोग ब्रेकअप कर लेते हैं। 
मोहब्बत वह होती है जिसका हवस से दूर दूर तक कोई सम्बन्ध नहीं होता। जहां हवस होगी वहां मोहब्बत हो ही नहीं सकती। मोहब्बत और हवस में वही अन्तर है जो सुख और आनंद में  है। फर्क बहुत बारीक है इसलिए अक्सर लोगों की समझ में नहीं आता। सुख शारीरिक होता और आनंद मानसिक , उसी तरह हवस से शरीर को सुख मिलता है तो मोहब्बत हमारे मन और आत्मा को आनंद प्रदान करती है। जो इंसान आपसे सच्ची मोहब्बत करता होगा वह कभी भी आपको नुकसान पहुंचाने की नहीं सोचेगा भले ही आप उसके साथ कितना भी गलत क्यों न करें।  जिस इंसान में ब्रेकअप के बाद बदले की भावना आ जाए याद रखिये उसकी मोहब्बत कभी मोहब्बत थी ही नहीं। 

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