सुपर टेट में कटआफ : शिक्षामित्रों का मूड आफ

6 जनवरी को जब सुपर टेट की परीक्षा सम्पन्न हुई तो दो शिक्षामित्र एक दूसरे से गले मिलकर बधाई देते हुए दिखे जो कह रहे थे कि भाई अब तो हमारी नौकरी पक्की है क्योंकि अगर इस परीक्षा में 50-60 नंबर भी आ गए तो फाइनल मेरिट में  25 नंबर भारांक लेकर हम बहुत आगे निकल जाएंगे क्योंकि इस परीक्षा में कोई कट आफ नहीं है, बाकी बी.एड,बीटीसी वाले अपना झेलेंगे। परन्तु 7 जनवरी  2019 शाम को जारी हुई कट आफ [जनरल- 97, रिजर्व कटेगरी-90 अंक]  ने  शायद उन शिक्षामित्रों के सपनों पर पानी फेर दिया है। आदेश में कहा गया है कि यह कट आफ सिर्फ इसी परीक्षा यानी सुपर टेट के लिए ही है , इसे सिर्फ एक पात्रता परीक्षा की तरह समझा जाए।इसका मतलब यदि इस परीक्षा के निर्धारित कट के अन्तर्गत कोई अभ्यर्थी आता है (चाहे वह बीटीसी/बी.एड/शिक्षामित्र हो ) तभी आगे की भर्ती प्रक्रिया में वह शामिल किया जाएगा।

कल तक जो शिक्षामित्र 25 अंक भारांक के साथ खुशी मना रहे थे अब उन्हें समझ जाना चाहिए कि 50-60  नंबरों से उनका काम नहीं चलने वाला। 25 नंबर के मैजिकल किस्मती भारांक का फायदा उठाने के लिए पहले 6 जनवरी की सुपरटेट परीक्षा के निर्धारित कट आफ में शामिल होना पडेगा जो कि इतना आसान नहीं होगा। यदि सरकार/कोर्ट उन पर अब रहम करती है और कट आफ से उन्हें मुक्त रखती है तो यह अन्य (बी.एड./बीटीसी) अभ्यर्थियों के साथ सौतेला और अनुचित व्यवहार होगा जो कि सरकार इस चुनावी दौर में बिल्कुल भी नहीं करना चाहेगी।

हालांकि यह कट आफ शिक्षामित्रों को बर्दाश्त होने वाला नहीं है और वे इस पर बवाल जरूर खडा करेंगे । चूंकि परीक्षा से पहले किसी भी तरह के कट आफ से इनकार किया गया था जिसकी वजह से  शिक्षामित्र बहुत ही ज्यादा आशावान हो गए थे। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस आदेश के खिलाफ कितनी याचिकाएं पडती हैं और इसका इस भर्ती पर क्या प्रभाव पडेगा।  यह भर्ती पूरी होगी या लटकेगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन कोई सरकार और अदालत को बताए कि बच्चे को लालीपाप देकर ऐसे थोडी छीना जाता है.... बडे आए...अरे अब बच्चे (sm) की जान लोगे क्या। 

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