idea Vodafone का खराब हो रहा है नेटवर्क

पिछले कुछ दिनों से आइडिया और वोडाफोन के नेटवर्क दिनों दिन खराब होते जा  रहे हैं। जी हाँ , खासकर गांवों में तो हालत बद से भी बद्तर हो चुकी है। प्रतापगढ़ के ब्राहिमपुर, हरीपुर, दाऊदपुर, बेसार आदि लगभग हर गाँव जो शहर से थोडी दूर स्थित है वहां न तो वोडाफोन और आइडिया के सिम से इंटरनेट चल रहा है और नही सही तरीक़े से बातचीत ही हो पा रही है।यह सिर्फ प्रतापगढ़ जिले के गांवों की समस्या नहीं है बल्कि हर जिले के दूर दराज गावों इस तरह की समस्या बनी हुई है।लोग इस सम्बंध में शिकायत तो दर्ज करवाते हैं मगर कुछ सोल्यूशन नहीं मिलता है। गाँवों में रहने वाले जिन लोगों के पास 4g हैंडसेट है उन्हें 3g या उससे भी कम की स्पीड में डाटा प्रदान किया जा रहा है और  3g and 2g हैंडसेट इस्तेमाल करने वालों के फोन में इंटरनेट चलता ही नहीं  है और अगर एक दो मिनट के लिए चल भी रहा है तो उसकी स्पीड kb/second की जगह byte/second में दिखाता है ।जाहिर सी बात है कि 100 byte/second और 250byte/second की स्पीड से आप कोई भी काम आनलाइन नहीं कर सकते हैं। इन कम्पनियों के सम्बन्ध में  सबसे बडी समस्या यह आ रही कि इनके नेटवर्क में स्टेबिलिटी नहीं है। यदि रात में एक बजे के बाद इनका इस्तेमाल किया जाए तो कुछ हदतक अच्छी स्पीड मिलती है लेकिन जैसे ही सुबह के आठ बजते हैं पूरा दिन यह यूजर को रुलाता है।

नहीं मिलता कस्टमर केयर अधिकारियों का सपोर्ट:

ताज्जुब तो तब होता है जब यूजर परेशान होकर कस्टमर केयर नंबर पर काल करता है तो उसे सही जवाब नहीं मिलता।प्रतापगढ़ जिले के पट्टी क्षेत्र के एक गाँव ब्राहिमपुर के कुछ यूजर्स की माने तो कस्टमर केयर अधिकारियों का कहना है कि वो इससे ज्यादा इंटरनेट स्पीड नहीं बढा सकते ।इसका मतलब यह है कम्पनी जानबूझकर इंटरनेट की स्पीड में सुधार नहीं करना चाहती। इस वजह से कुछ यूजर्स तो मोबाइल पोर्टिबिलिटी के जरिए कम्पनी बदल रहे हैं और उन कम्पनियों को ज्वाइन कर रहे हैं जिनकी स्पीड कुछ अच्छी है। यह यूजर्स के साथ सरासर नाइंसाफी है क्योंकि वे इतने महंगे महंगे डाटा रिचार्ज तो करा लेते हैं मगर इंटरनेट न चलने की वजह से वे उसका इस्तेमाल नहीं कर पाते। TRAI या भारत सरकार को चाहिए कि वे इन कम्पनियों को निर्देश दें और गाँवों में भी एक मिनिमम इंटरनेट स्पीड निर्धारित करें ताकि गाँव के लोग भी इंटरनेट के माध्यम से देश और दुनिया से जुड सकें।

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