अगर मुझको मिले न तुम
अगर हमको मिले न तुम तो हम तनहा ही जी लेंगे
अपने दिल का हर इक टुकडा तेरी यादों से सी लेंगे
हमेशा याद आएंगी तेरी बातें तेरी कसमें
भुलाना तेरी चाहत को रहा ना अब मेरे बस में
तेरी खातिर मेरे हमदम इन अश्कों को हम पी लेंगे
अपने दिल का हर इक टुकडा तेरी यादों से सी लेंगे
जमाने की वजह से तू भले हमको भुला देगा
मगर दिल मेरा तुझको भूलकर ना बद्दुआ देगा
दुवा दी थी तुझे कल भी दुवा हम आज भी देंगे
अपने दिल का हर इक टुकडा तेरी यादों से सी लेंगे
अगर हो एहमियत कुछ भी मेरी तेरी निगाहों में
बुला लेना मुझे अंधेरा जब भी आए राहों में
जलाकर खुद को तेरी राह में हम रोशनी देंगे
अपने दिल का हर इक टुकडा तेरी यादों से सी लेंगे
अगर हमको मिले न तुम तो हम तनहा ही जी लेंगे

वाह!!लाजवाब!
ReplyDeleteबहुत खूब
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