तुम्हारे बिना कहीं चैन नहीं

दिन तो गुजर जाता है लेकिन रैन नहीं
अब तो इक पल भी तेरे बिन चैन नहीं
कभी लगता है कि तेरे बिन
मैं जी न पाऊंगा
कभी लगता है तुझे पाकर
खुशी से मर जाऊँगा
रात खो जाती है जैसे तेरे
इन बालों में
मैं अक्सर खो सा जाता हूँ
तेरे खयालों में
तुम इस तरह से मेरे
जीवन में शामिल हो
मैं कोई धडकन हूँ तुम
मेरा दिल हो
चलती चलती और कभी ठहरी ठहरी
बातें करती हैं आँखें तेरी गहरी गहरी
देख के इनकी गहराई ऐसा लगता है
ये कोई गहरे से दो सागर हैं
तेरे नैन नहीं
दिन तो गुजर जाता है लेकिन रैन नहीं
अब तो इक पल भी तेरे बिन चैन नहीं

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