जीवन पानी के जैसा है

दोस्तों क्या आपने कभी ठहरे हुए पानी और बहते हुए पानी को ध्यान से देखा है ? यदि नहीं देखा है तो कभी समय निकाल कर देखिएगा जरूर। दरअसल, हमारी जिन्दगी भी पानी की ही तरह होती है।ठहरा हुआ पानी ठहरी हुई जिन्दगी और बहता हुआ पानी चलती हुई जिन्दगी के समान होता है। जिस तरह रूके हुए पानी में तरह तरह की गन्दगी और जीवाणु उत्पन्न होते रहने की वजह से वह पानी पीने योग्य नहीं होता उसी तरह रूकी हुई जिन्दगी में अवसाद, टेंशन और निराशा उत्पन्न होते रहने की वजह से ऐसी जिन्दगी जीने योग्य नहीं होती है।

इसी  तरह से बहता हुआ पानी अपने रास्ते में आने वाले पर्वत, खाई और अन्य बाधाओं को पार करते हुए  , अपने आपको स्वच्छ रखते हुए अपनी मंजिल तक पहुंच ही जाता  है उसी तरह आगे बढती हुई जिन्दगी भी तमाम दुखों, कठिनाइयों, समस्याओं और को पार करते हुए, खुद को स्वस्थ रखते हुए, एक न एक दिन मंजिल जरूर हासिल करती है।

सुख और दुख , सफलता और असफलता हमारी जिन्दगी के अहम पडाव होते हैं और हमें इन पडावों से होकर ही गुजरना होता है।उदाहरण के लिए अगर एक पडाव सुख का है , दूसरा पडाव दुख का है और तीसरा पडाव फिर सुख का है तो हमें क्रम से तीनों पडावों से होकर गुजरना होगा।ऐसा नहीं हो सकता कि हम पहले सुख के पडाव से सीधा तीसरे पडाव अर्थात फिर सुख तक पहुंच जाएं और दूसरा पडाव जो कि दुख का है उसे छोड दें यदि ऐसा होता तो दुनिया में हर इंसान हमेशा सुखी ही रहता। यदि हमें पहले से तीसरे पडाव तक जाना है तो दूसरे पडाव यानी दुख के पडाव से हर हाल में गुजरना ही होगा। याद रहे दुख का पडाव हमेशा हमें  तोडने का प्रयास करता है, हमें रोकने प्रयास करता है ताकि हम आगे न बढ सके और अगले सुख वाले पडाव पर न पहुंच सकें।दुखों और समस्याओं के जाल फँसकर यदि हम एक बार  रुक गए तो यह दुख का पडाव हमें कभी भी आसानी से आगे बढने नहीं देगा ।

इसलिए दोस्तों जिन्दगी में कितनी भी समस्याएं आएं अपने आपको रुकने मत दीजिए, जिन्दगी को ठहरने मत दीजिए,  हमेशा आगे बढते रहने का प्रयास कीजिए।हर दुख, हर परेशानी और हर बुरी घटना हमारी जिन्दगी के बहाव को रोकती है हमें पीछे ढकेलने का प्रयास करती है लेकिन हमें रुकना नहीं है। दुखों और परेशानियों पर रोने से कुछ भी हासिल नहीं होता है बेहतर होगा कि हम हर समस्या से एक सबक लें और फिर आगे बढ जाएं।

याद रखिए चलती हुई जिन्दगी ही जिन्दगी है

और रुकी हुई जिन्दगी में कुछ भी नहीं है।

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