प्यार को प्यार से ही समझा जा सकता है
वैलेंटाइन डे प्यार के त्योहार के रूप में जाना जाता है लेकिन ज्यादातर लोग ऐसे होते हैं जो प्यार का मततब ही नहीं समझते। कुछ लोग किसी को हासिल कर लेने को ही प्यार समझते हैं तो कुछ लोग प्यार को सिर्फ शारीरक सुख तक ही सीमित कर देते हैं। जबकि सच तो यह है कि प्यार बहुत ही पवित्र होता है। प्यार की पवित्रता को समझने के पवित्र मन की आवश्यकता होती है जो हर किसी के पास नहीं होता है।
प्यार एक ऐसा रिश्ता होता है जिसमें अपने सुख अपनी खुशी से ज्यादा उस इंसान की खुशी को तवज्जो दी जाती है जिससे कि प्यार होता है। सच्चे प्यार की एकमात्र कसौटी है आपस का विश्वास। चाहे एक प्रेमी और प्रेमिका का प्यार हो या दो दोस्तों के बीच का प्यार , विश्वास एक अहम भूमिका निभाता है। आप किसी को कितना भी चाहते हों लेकिन यदि उस इंसान पर आप विश्वास नहीं करते हैं तो आपका प्यार सच्चा नहीं कहा जाएगा ।अक्सर हम देखते हैं कि प्रेमी प्रेमिका या पति पत्नी एक दूसरे पर शक करते रहते हैं ,एक दूसरे को गलत समझते हैं, इसीलिए उनके बीच हमेशा अनबन होती रहती है।
इस अनबन या आपसी झगड़े का मुख्य कारण होता है एक दूसरे पर विश्वास न करना।कभी पत्नी का फोन दस बीस मिनट बिजी हो गया या बाजार से आने में थोडी देर हो गई तो कुछ पति महोदय ऐसे रिएक्ट करते हैं जैसे उनकी पत्नी ने बेवफाई करनी शुरू कर दी हो। पति महोदय का विश्वास इतना कमजोर होता है कि वो यह पूछना भी जरूरी नहीं समझते कि किसका फोन था या बाजार में देरी क्यों हो गई।
दोस्तों, यदि आप अपनों से प्यार करते हैं तो उन पर विश्वास करना सीखिए ।जब तक आप विश्वास नहीं करेंगे तब तक न तो आप अपना प्यार ठीक से निभा पाएंगे और न ही अपनों का सच्चा प्यार हासिल कर पाएंगे। जिस तरह से पानी कभी आग को नहीं समझ सकता, झूठ कभी सच को नहीं समझ सकता उसी तरह एक गुस्सा या नफरत करने वाला इंसान कभी सच्चे प्यार को नहीं समझ सकता। प्यार को सिर्फ प्यार और अपनों पर विश्वास से ही समझा जा सकता है ।
यदि आप सच्चा प्यार किसी को देते हैं तभी किसी का सच्चा प्यार आप डिजर्व कर सकते हैं, तो जहां तक हो सके प्यार और विश्वास बाँटिए क्योंकि नफरत और शक ने सिर्फ घरों को उजाडा है ।
हैप्पी वैलेंटाइन डे।
प्यार एक ऐसा रिश्ता होता है जिसमें अपने सुख अपनी खुशी से ज्यादा उस इंसान की खुशी को तवज्जो दी जाती है जिससे कि प्यार होता है। सच्चे प्यार की एकमात्र कसौटी है आपस का विश्वास। चाहे एक प्रेमी और प्रेमिका का प्यार हो या दो दोस्तों के बीच का प्यार , विश्वास एक अहम भूमिका निभाता है। आप किसी को कितना भी चाहते हों लेकिन यदि उस इंसान पर आप विश्वास नहीं करते हैं तो आपका प्यार सच्चा नहीं कहा जाएगा ।अक्सर हम देखते हैं कि प्रेमी प्रेमिका या पति पत्नी एक दूसरे पर शक करते रहते हैं ,एक दूसरे को गलत समझते हैं, इसीलिए उनके बीच हमेशा अनबन होती रहती है।
इस अनबन या आपसी झगड़े का मुख्य कारण होता है एक दूसरे पर विश्वास न करना।कभी पत्नी का फोन दस बीस मिनट बिजी हो गया या बाजार से आने में थोडी देर हो गई तो कुछ पति महोदय ऐसे रिएक्ट करते हैं जैसे उनकी पत्नी ने बेवफाई करनी शुरू कर दी हो। पति महोदय का विश्वास इतना कमजोर होता है कि वो यह पूछना भी जरूरी नहीं समझते कि किसका फोन था या बाजार में देरी क्यों हो गई।
दोस्तों, यदि आप अपनों से प्यार करते हैं तो उन पर विश्वास करना सीखिए ।जब तक आप विश्वास नहीं करेंगे तब तक न तो आप अपना प्यार ठीक से निभा पाएंगे और न ही अपनों का सच्चा प्यार हासिल कर पाएंगे। जिस तरह से पानी कभी आग को नहीं समझ सकता, झूठ कभी सच को नहीं समझ सकता उसी तरह एक गुस्सा या नफरत करने वाला इंसान कभी सच्चे प्यार को नहीं समझ सकता। प्यार को सिर्फ प्यार और अपनों पर विश्वास से ही समझा जा सकता है ।
यदि आप सच्चा प्यार किसी को देते हैं तभी किसी का सच्चा प्यार आप डिजर्व कर सकते हैं, तो जहां तक हो सके प्यार और विश्वास बाँटिए क्योंकि नफरत और शक ने सिर्फ घरों को उजाडा है ।
हैप्पी वैलेंटाइन डे।
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