ऐ मेरी किस्मत तू मुझको आजमाती रह
ऐ मेरी किस्मत तू मुझको आजमाती रह
मैं दिया हूँ जलूँगा तू बेशक बुझाती रह
एक न एक दिन तो पाऊंगा ही मंजिलें
कितना भी तू राह में काँटे बिछाती रह
रोज रोज ख्वाहिशों का घर बनाऊंगा
रोज चाहे बिजली तू इनपे गिराती रह
जीत की उम्मीद में लडता ही रहूँगा
तेरे बस में हो तो तू भी हराती रह
ऐ मेरी किस्मत तू मुझको आजमाती रह
मैं दिया हूँ जलूँगा तू बेशक बुझाती रह
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