सावधानी हटी चोटी कटी
"सावधानी हटी चोटी कटी"
उत्तर प्रदेश , हरियाणा और पंजाब के साथ साथ देश के अन्य राज्यों में जिस तरह से लडकियों और महिलाओं की चोटियों को काटा जा रहा है वह वाकई में शर्मनाक है और महिलाओं की इज्ज़त और अस्मिता के साथ खिलवाड़ है। हमने देखा है कि जब लोग अखबार में चोटी कटने की खबर पढते हैं तो सहसा मुस्कुराने लगते हैं । अब तक बहुत मुस्कुरा लिए क्योंकि अभी तक लग रहा था कि लोग शरारत या आपसी रंजिश की वजह से इस तरह की शर्मनाक घटना को अंजाम दे रहे हैं और यह मामला एक दो दिन में शान्त हो ही जाएगा मगर अब स्थिति बिल्कुल उल्टी होने लगी है। चोटी कटने की घटनाएं कम होने के बजाय हर दिन बढती ही जा रही हैं जो कि औरतों में भय का माहौल पैदा कर रही है।
आज आलम यह है कि हर औरत अपने बालों को बचाने के लिये हर तरह के टोटकों का इस्तेमाल कर रही हैं।
आखिर क्या है हकीकत?
हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि औरतों की चोटियों को आखिर कौन काट रहा है और क्यों ? सबसे बडा सवाल यह है कि यदि कोई चोटी काटता है तो वह उस चोटी को ले क्यों नहीं जाता और ऐसा क्या करता है कि पीडित बेहोश हो जाता है ?
उत्तर प्रदेश के जौनपुर और प्रतापगढ़ जिले में हुई घटनाओं में पीडिता यही कहती नजर आई कि चोटी काटने वाला कोई इंसान नही बल्कि एक भूत या आत्मा है जो किसी खुन्नस में आकर देश भर की महिलाओं के बालों को काट रही है। हद तो तब हो गई जब एक ग्रामीण पीडित महिला ने इतना तक कह दिया कि उसने चोटी काटने वाली चुडैल से लडाई भी की मगर न जाने कब वह बेहोश हो गई और चोटी कट गई।
देश प्रदेश में जितनी भी घटनाएँ हो रही हैं लगभग सबमें अपराधी दिखाई ही नहीं दिया है तो हकीकत क्या है ? क्या वाकई में यह किसी भूत या आत्मा का काम है ? जी नहीं यह सरासर एक कल्पना है । हम भूतों प्रेतों के अस्तित्व से इनकार नहीं कर सकते क्योंकि हर कोई इतना तो जानता ही है कि अच्छाई के साथ बुराई है तो भगवान के साथ साथ दुनिया में शैतान का भी अस्तित्व होगा मगर कोई शैतान मूर्त रूप में आकर औरतों की चोटियों को काटेगा वह भी बिना किसी फायदे या मतलब के यह बात बिल्कुल भी हजम नहीं होती है..और ऐसा हो भी नहीं सकता है।
फिर कौन है जो दहशत फैला रहा है ?
चोटी काटने के पीछे किसी न किसी गिरोह का हाथ है जो पूरी तैयारी और सफाई से घटनाओं को अंजाम दे रहा है। चूंकि ये घटनाएं एक सीमित दायरे में न होकर एक साथ देश के कई भागों में रही हैं इससे पता चलता है कि इस गिरोह में काफी लोग शामिल हैं जिनका उद्देश्य औरतों और लोगों में दहशत का माहौल पैदा करके देश की शान्ति को भंग करना है।
इस गिरोह के लोग तो चाहते ही हैं कि लोगों के मन को यह विश्वास दिलाया जाए कि यह सब कोई आदमी नहीं बल्कि आत्मा कर रही है ताकि पुलिस आदि इसमें हस्तक्षेप न करे क्योंकि कानून भूतों प्रेतों में यकीन नही करता है।
पुलिस प्रशासन खामोश क्यों है?
पुलिस प्रशासन की सबसे बडी समस्या यह है कि वह घटना स्थल पर इतनी देर से पहुंचती है कि लगभग सारे क्लू और सबूत मिट चुके होते हैं। कभी कभी तो दरोगा जी यह कहकर ही पल्ला झाड लेते हैं कि " मामला संज्ञान में नही है अगर इस तरह की कोई घटना हुई है तो इसकी जांच होगी और कार्यवाही की जाएगी।" अगली बात यह है कि चोटी काटने वाला अभी तक दिखाई नही दिया है इसलिए पुलिस प्रशासन और भी मजबूर हो जाता है। पुलिस प्रशासन को यह समझना होगा कि यह सामने से अपराध करने वाला अपराधी नही है जिसे दौडाकर पकड लिया जाएगा। अगर इस गिरोह के अपराधियों को पकडना है तो फारेंसिक टीम को साथ लेकर चलना होगा ताकि पीडिता और घटना स्थल की पूरी जांच हो सके।
तो क्या किया जाए?
अगर आपके आस पास इस तरह से चोटी कटने की कोई भी घटना सामने आती है तो कृपया इसका हौव्वा न बनाए बल्कि स्थिति को समझते हुए तुरन्त इसकी सूचना पुलिस को दें साथ ही साथ मौकाए वारदात पर पुलिस के आने से पहले किसी को जाने न दें क्योंकि हो सकता है कि वहाँ पुलिस को कोई क्लू मिल जाए और इस बढते अपराध को रोकने की कोई कडी हाथ लग जाए। सबसे बडी बात यह है कि पुलिस को चोटी कट के गिरने की वजह की जांच करने से न रोकें। साथ ही यदि पीडिता बेहोश है तो तुरन्त अस्पताल ले जाएं और मेडिकल चेक अप कराएं ताकि बेहोश होने का वास्तविक कारण पता चल सके। अपने आस पास के संदिग्ध लोगों पर नजर रखिए ।
याद रखिये घटना किसी के भी साथ हो सवाल महिलाओं की इज्ज़त और अस्मिता का है इसलिए अफवाहों और भूतों प्रेतों पर ध्यान न देते हुए अपनी आंख और कान खुले रखिए। आपकी थोडी सी सावधानी इस फलते फूलते अपराध को खत्म कर सकती है।
Source:www.savethewomen247.com
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