लडकियाँ चरित्र परखती हैं
जब कोई लडकी पहली बार किसी लडके से मिलने जाती है तो उसकी सोच बदलती रहती है। कभी वह सोचती है कि लडका अच्छा होगा , फिर कभी सोचती है कि नही किसी लडके पर भरोसा नही किया जा सकता । फिर सोचती है कि चलो जो भी होगा देखा जाएगा। घर से निकलने के बाद पूरे रास्ते मे उसके मन दिल और दिमाग में एक जंग सी जारी रहती है। यह सच है कि जहाँ प्यार की बात आती है वहाँ हमेशा जीत दिल की होती है चाहे परिणाम अच्छा हो या बुरा।इसीलिए एक लडकी हमेशा अपने दिल की ही सुनती है और दिमाग के बार बार रोकने के बावजूद वह लडके से मिलने पहुँच ही जाती है। पहुँचने के बाद भी दिल और दिमाग के बीच की लडाई अब भी जारी है लेकिन विषय बदल गया है। अब विषय यह है कि उस लडके का प्यार स्वीकार करें या नही। दिल कहता है कि हाँ स्वीकार कर लो परन्तु दिमाग कहता है कि नही अभी रुको थोडा सा लो और इस लडके की नीयत और मंशा समझ लो फिर इसका प्यार स्वीकार करो। यहाँ पर दिमाग की बातें भी स्वीकार करने योग्य होती हैं इसलिए समझदार लडकियाँ सोचने के लिए कुछ टाइम ले लेती हैं । इसके बिपरीत जो लडकियाँ प्यार की भूखी होती हैं वे सिर्फ दिल की सुनती है और दिमाग को बेवकूफ समझती हैं। जो लडकियाँ दिमाग की बातें नही सुनती हैं अक्सर प्यार में उनको धोखा ही मिलता है। कभी कभी लडकियाँ लडकों हाव भाव समझने के लिए भी समय मांगती हैं। जब कोई लडकी किसी लडके के प्यार को स्वीकार करने के लिए समय मांगती है तो उस समय लडके के चेहरे का हाव भाव काफी कुछ बता देता है। उदाहरण के लिए, यदि लडकी के सोचने के लिए समय मांगने के बाद लडका गुस्सा हो जाता है तो वह घमण्डी होगा , यदि परेशान हो जाए तो उसमें आत्मविश्वास की कमी है , और यदि पूरी तरह से आश्वस्त दिखाई दे तो वह आत्मविश्वास से भरा है , निडर है , और उसे खुद पर तथा अपने प्यार पर पूरा यकीन है।
यह लगभग हर लडकी की आदत होती है कि किसी भी लडके के प्यार को स्वीकार करने से पहले उसका टेस्ट लेती हैं। जो लडका उनके टेस्ट में सफल होता है उसी को वे स्वीकार करती हैं बाकी सबको रिजेक्ट कर देती हैं। उनका टेस्ट कैसा होगा, कब होगा यह कोई लडका आसानी से जान नही सकता इसलिए लडके को चाहिए कि वह हमेशा उस लडकी के प्रति ईमानदार रहे और अपनी बुरी आदतों को छोड दे। सबसे पहले एक लडकी एक लडके का चरित्र परखती है । इसके लिए वह कोई भी तरीका अपना सकती है। वह खुद कुछ गन्दी बातें करके लडके की सोच को समझने का प्रयास करती है या अपनी किसी खूबसूरत सहेली से उस लडके को मिलवाती है ताकि वह यह समझ सके कि वह लडका उसकी सहेली से मिलने के बाद उसमें ज्यादा दिलचस्पी दिखाता है या उसकी खूबसूरत सहेली में। यही वह टेस्ट है जिसमें ज्यादातर लडके असफल हो जाते हैं।
"यदि एक लडका चरित्र टेस्ट में सफल हो जाता है तो वह हर टेस्ट में सफल हो जाएगा। यदि किसी अन्य छोटे में वह असफल भी होता है तो एक लडकी उस पर उतना ध्यान नही देती। लडके का चरित्रवान होना ही एक लडकी के लिए ही काफी है क्योंकि वह ऐसा ही लडका चाहती है जो उसके अलावा किसी और लडकी की तरफ न देखे। "
किसी लडकी के लिए उसके पति या boyfriend का चरित्रवान होना इसलिए भी मायने रखता है क्योंकि यदि बाकी चीजे बिगड जाएंगी तो उनमें सुधार किया जा सकता है लेकिन यदि किसी का चरित्र खराब है तो उसे कभी भी सुधारा नही जा सकता है।
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