पत्नी पति से क्या चाहती है ?

एक स्त्री एक पुरुष से क्या चाहती है यह समझना आसान नही है। आइए जानते हैं कि शादी के पहले और शादी के बाद एक औरत का दिमाग क्या चाहता है? शादी से पहले एक लडकी की आँखों में बहुत सारे सपने होते हैं। वह अपने मन में यही सोचती रहती है कि शादी के बाद उसके पति का कैसा व्यवहार रहेगा। वह कठिन हालात में उसका सपोर्ट करेगा कि नही या वह अपने परिवार को खुश रख पाएगी कि नही? वहीं जब शादी हो जाती है तो वह अपने शादी के पहले देखे गए सपनों को पूरा करने की कोशिश में लग जाती है।उन सपनों को पूरा करने के लिए वह अपने पति और परिवार का भरपूर सहयोग चाहती है। वह एक आदर्श पत्नी और बहू बनना चाहती है पर साथ ही यह भी चाहती है कि उसका परिवार भी उसके साथ आदर्श व्यवहार करे।यदि उसको परिवार का सहयोग और प्यार मिलता रहेगा तो वह भी परिवार को अपना सब कुछ दे देगी लेकिन इसके बिपरीत यदि उसे लगेगा कि उसका पति और परिवार उसके खिलाफ हैं लो तुरन्त ही उसका दिमाग बदल जाएगा । जैसे ही उसके दिमाग की सोच बदलेगी उसका सपना भी बदल जाएगा। अब वह परिवार को उतना महत्व नही देगी जितना कि उसे देना चाहिए।

 

एक पत्नी हमेशा इस उम्मीद में रहती है कि चाहे सब उसके खिलाफ हो जाए पर उसका पति उसके साथ रहे। यदि एक औरत को उसके पति का साथ हासिल है तो वह किसी और की परवाह नही करेगी। एक पत्नी की सच्ची ताकत उसका पति होता है। एक औरत अपना सब कुछ शेयर कर सकती है पर किसी भी हालत में अपना पति शेयर नही करेगी ।इसलिए एक पति को भी इस बात का खयाल रखना चाहिए कि उसकी वजह से उसकी पत्नी को कोई तकलीफ न हो।

अगर एक संयुक्त परिवार की बात करें जिसमें परिवार के सदस्यों की संख्या ज्यादा होती है  तो हर औरत का परिवार को चलाने का अपना तरीका होता है। कुछ महिलाएं परिवार के सदस्यों को एक दूसरे  से लडाकर अपना प्रभुत्व स्थापित करने की कोशिश करती हैं। ये अपने फूट डालो राज करो नीति से खुद को घर का मालिक तो बना लेती हैं पर परिवार में खुशियाँ और एकता नही रह जाती है।इसके बिपरीत जो समझदार महिलाएं हैं वे किसी कूटनीति से नही बल्कि प्यार से अपने परिवार के हर सदस्य को खुश रखती हैं। ये परिवार के हर सदस्य को एकता के धागे में बांध कर रखती हैं। ऐसी महिला से परिवार का हर सदस्य खुश रहता है । सच पूछिए तो ऐसी महिलाएं ही आदर्श महिलाएं हैं जो घर पर शासन नही करती बल्कि परिवार के सदस्यों के दिलों पर शासन करती है।

शादी के बाद एक औरत की सबसे बडी इच्छा होती है माँ बनना। समाज में एक औरत तभी पूरी मानी जाती है जब वह माँ बनती है। एक ऐसी औरत जो कभी भी माँ नही बन सकती उसे समाज एक बाँझ के रूप में देखता है। माँ न बन पाना एक औरत को अधूरा साबित करता है। यही वजह है कि एक औरत जब माँ बनती है तो उसे सौभाग्यशाली माना जाता है। माँ बनना एक औरत के लिए एक सुखद एहसास है। औरतें शादी के बाद भी उतनी खुश नही होती हैं जितनी खुशी वे माँ बनने के बाद महसूस करती हैं। ऐसी औरतें जो माँ बन सकती हैं और एक बाँझ में उतना ही अन्तर है जितना कि एक उपजाऊ जमीन और अनुपजाऊ जमीन में होता है। भारतीय परिवार भी उन महिलाओं को वरीयता देता है जो माँ बनने योग्य  होती हैं और वंश को आगे बढाने में सक्षम होती हैं।

 गर्भ धारण के सम्बन्ध में भी हर एक महिला की सोच अलग अलग होती है। कुछ महिलाएं चाहती हैं कि शादी के बाद उनको जल्द से जल्द संतान सुख प्राप्त हो। कुछ महिलाएं अपनी शरीर की सुन्दरता  को ज्यादा वरीयता देती है और गर्भ धारण से बचने की कोशिश करती हैं। इनको डर होता है कि गर्भ धारण के बाद इनके फिगर पर असर पडेगा और इनकी खूबसूरती कम हो जाएगी जबकि यह पूरी तरह सच नही होता है। सच तो यह है कि महिलाएं माँ बनने के बाद और भी ज्यादा खूबसूरत लगती हैं । इसका कारण यह है कि माँ बनने के बाद एक महिला में एक तरह की संतुष्टि दिखाई देती है जो उसे अपना परिवार सही ढंग से चलाने की हिम्मत देती है।

क्या आप जानते हैं प्रेग्नेंसी की अवस्था में  एक औरत के व्यवहार में क्या क्या परिवर्तन होते हैं ?

जब भी एक औरत गर्भ धारण करती है तो उसके व्यवहार में बहुत से परिवर्तन आते हैं। प्रेग्नेंसी में औरतें आलसी हो जाती हैं और उनमें एक चिढचिढानपन सा आ जाता है । कभी वह बहुत ही ज्यादा खुश हो जाती है तो कभी दूसरों पर बेवजह चिल्लाती और झल्लाती है। उन्हें पौष्टिक आहार लेने की जरूरत होती है मगर वे इसके बिपरीत खट्टा और फालतू की चीजें ही खाती रहती हैं। प्रेग्नेंसी वह अवस्था होती है जिसमें एक औरत चाहती है कि हर पल उसका पति उसके साथ रहे। वह अपने पति को हमेशा अपनी आँखों के सामने ही रखती है और चाहती है कि वह उसका इस तरह से खयाल रखे जैसे कोई अपने छोटे से बच्चे का खयाल रखता है।


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