सुना है तेरी आंखों में


सुना है तेरी आँखों में बसते हैं समन्दर
डूब गया वो जिस जिस ने देखा इनके अन्दर

सर से लेकर पांव तलक सुन्दर ही सुन्दर है
तेरी हर एक झलक लगती है जन्नत का मंजर

वैसे तो तेरी नजरें मासूम बहुत लगती हैं पर
तिरछी होकर देखें तो लगें कोई कातिल खंजर

जब से मिला हूं तुझसे तुझको सोच रहा हूँ
मेरे दिल पर कर दिया तूने ये कैसा मंतर

बहुत गुमां था मुझको  हर इक जीत पे अबतक
तुझपे दिल हारा सब जीतने वाला मैं सिकन्दर

सुना है तेरी आँखों में बसते हैं समन्दर
डूब गया वो जिस जिस ने देखा इनके अन्दर


हमको मोहब्बत क्या हो गई:
हमको उनसे मोहब्बत क्या हो गयी
जैसे कोई बडी कुछ खता हो गयी


नाम क्या आया उसका लबों पे मेरे
पल में ही सारी दुनिया खफा हो गयी


हमने कितना भरोसा किया था मगर
बेवफा दुनिया फिर बेवफा हो गयी


ऐसा फैला ये गम का शहर पूछो मत
प्यार की हर गली लापता हो गयी


जब से पहरे लगे हैं मुलाकात पर
तनहा थी जिन्दगी बेमज़ा हो गयी


हमको उनसे मोहब्बत क्या हो गयी
जैसे कोई बडी कुछ खता हो गयी


मैं तेरी किस्मत बनूं:
मैं तेरी किस्मत बनूं मेरी तकदीर बन आज की रात
मुझको तू रांझा बनाकर खुद हीर बन आज की रात

मैं हूं जवां तू भी खूबसूरत
मैं तेरी और तू मेरी जरूरत
मैं कोई प्यासा मुसाफिर तू नीर बन आज की रात


देखूं जहां भी तुझको ही पाऊं
इक पल भी तुझसे दूर न जाऊं
बांध के रखे जो मुझे वो जंजीर बन आज की रात


पास मेरे इठला के आजा तू
आके दिल में मेरे समा जा तू
दिल से जो निकले नही वो तीर बन आज की रात


मैं तेरी किस्मत बनूं मेरी तकदीर बन आज की रात
मुझको तू रांझा बनाकर खुद हीर बन आज की रात

Comments

Popular posts from this blog

BS-3 वाहन- डिस्काउंट के पीछे का सच

E-श्रमिक कार्ड बन रहा है

किसानों को किसान ही रहने दो