नवरात्र : मइया का गुणगान

प्रथम शैलपुत्री
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मंत्र:
वन्दे वांछित लाभाय चन्द्रार्द्धकृत शेखराम।
वृषारूढा शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीम।।

गीत/भजन
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मुरझाया हुआ जीवन फूलों जैसा खिल जाएगा
नवरात्र में जो भी मांगोगे माँ से मिल जाएगा

जाओगे कहाँ बोलो होके मां से विमुख
आ जाओ दरबार में पा लो मां से थोडा सुख
कोई भी तकलीफ न कोई दर्द सताएगा
नवरात्र में जो भी मांगोगे मां से मिल जाएगा

न कोई गरीब है न अमीर न महान
मइया के दरबार में हर कोई है एक समान
छोटा या बडा कोई निराश न जाएगा
नवरात्र में जो भी मांगोगे मां से मिल जाएगा

जब ले डूबे उम्मीदें नाकामी की लहर
जब भी जीवन नइया फंसेगी जाके बीच भंवर
मां का आशिर्वाद ही बेडा पार लगाएगा

मुरझाया हुआ जीवन फूलों जैसा खिल जाएगा
नवरात्र में जो भी मांगोगे मां से मिल जाएगा

द्वितीय ब्रह्मचारिणी
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मंत्र:
दधना कर पद्याभ्यांश्च माला कमण्डलम्।
देवी प्रसीदमयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा ।।

गीत/भजन
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ये सोच के आया हूँ कि तेरे दर्शन पाऊँगा
ऐ माँ तेरे दरबार से खाली न जाऊँगा
तू जानती है सब कुछ मेरे मन की बातें माँ
ये पोटली मैं झूठ की कितना छुपाऊँगा
तू अपनी शरण मे आने दे अपने बच्चे को
चरणों मे तेरी ही सारा जीवन बिताऊँगा
सुन ले तू अर्जी अपने बेटे "राज" की मइया
जब तक ना आयेगी तब तक तुझको बुलाऊँगा ये सोच के आया हूँ कि तेरे दर्शन पाऊँगा
ऐ माँ तेरे दरबार से खाली न जाऊंगा

तृतीय चन्द्रघण्टा
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मंत्र:
पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैयुता।
प्रसादं तनुते मद्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता।।

गीत/भजन
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तेरे जैसा कौन यहाँ शक्तिशाली
करती रहना यूँ ही कृपा शेरावाली

दानी है तू मैइया हमको दान देदे
भटकें न राह से वो ज्ञान देदे
न्याय और धर्म की ही राह पे चलें
सच्चाई का ऐसा वरदान देदे
रस्ता मइया देखूँ हर बरस तेरा
बडा दुर्लभ है माँ दरस तेरा
बुराई पाप अधर्म से मुक्ति दे तू
लडें हम अन्याय से इतनी शक्ति दे तू
एक तरफ ममता लुटाती है तू माँ
क्रोध में हो तो तू ही बने काली
तेरे जैसा कौन यहाँ शक्तिशाली
करती रहना यूँ ही कृपा शेरावाली

चतुर्थ कुष्माण्डा
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मंत्र:
सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधनाहस्तपद्याभ्यां कुष्माण्डा शुभदास्तु मे।।

गीत/भजन
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वर दे हमको वर दे माँ
धन्य ये जीवन कर दे माँ
सुना है कि तू दानी है
जग अज्ञानी तू ज्ञानी है
मै खडा हूँ तेरे दर पे
मेरी भी झोली भर दे माँ
वर दे हमको वर दे मा
धन्य ये जीवन कर दे माँ

इक बार तेरा दीदार मिले
बच्चे को माँ का प्यार मिले
मैं सब कुछ हासिल कर लूँ
आशीष तु अपना अगर दे माँ
वर दे हमको वर दे माँ
धन्य ये जीवन कर दे माँ

वर दे हमको वर दे माँ
धन्य ये जीवन कर दे माँ

पंचम स्कन्दमाता
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मंत्र:
सिंहासनगता नित्यं पद्याञ्चितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।।

गीत/भजन
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चैन मिला न जितना पूरे संसार में
इतना सुकून मिला माँ के दरबार में

ढूँढ के भी जिसको ढूँढ न पाया मैं
मन की वो शान्ति है माँ के दीदार में

इतनी मोहक सूरत है मइया की
देख के मन नहीं भरता एक बार में

ममता लुटाना यूँ ही बच्चों पे माँ
कमी होने पाये न तेरे लाड प्यार में

चैन मिला न जितना पूरे संसार में
इतना सुकून मिला माँ के दरबार में

षष्ठं कात्यायनी
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मंत्र:
चन्द्रहासोज्जवलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभम् दद्यादेवी दानव घातिनी।।

गीत/भजन
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मइया मेरे ऊपर भी इक उपकार कर देना
जब कभी भँवर में अटकूँ तो तू पार कर देना

रक्षक है तू दुनिया भर की जानता हूँ मैं
अपनी कृपा तू मुझपे भी इक बार कर देना

देना हमें आशीष कि आगे बढें हम भी
सुख शान्ति के सपनों को साकार कर देना

जब हारने लगे सच्चाई झूठ से कभी
तू आना धरती पर औऱ चमत्कार कर देना

मइया 'राज' के ऊपर भी  उपकार कर देना
जब कभी भँवर में अटकूँ तो तू पार कर देना

सप्तम् कालरात्रि
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मंत्र:
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी।।
वामपादोल्लसल्लोहलता कण्टक भूषणा।
वर्धन्मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी।।

गीत/भजन
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तेरे चरणों में थोड़ी जगह मिल गयी
जिन्दगी जीने की माँ वजह मिल गयी
बेवजह मैं जिये जा रहा था
व्यर्थ जीवन किए जा रहा था
तेरी भक्ति मिली
मन को शक्ति मिली
डूबी नइया को जैसे सतह मिल गयी

मुझको तेरा इशारा मिला है
आँधियों में सहारा मिला है
मेरे हर एक ग़म
हो रहे हैं खतम
खोई थी जो हँसी मुझको वह मिल गयी
तेरे चरणों में थोड़ी जगह मिल गयी
जिन्दगी जीने की माँ वजह मिल गयी

अष्टम् महागौरी
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मंत्र:
श्वेतवृषे समारूढा श्वेताम्बर धरा शुचिः।
महागौरी शुभम् दद्यान्महादेव प्रमोददा।।

गीत/भजन
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ऐ माँ तेरा आशीष किसी वरदान से कम नही
तेरी हर एक बात किसी बडे ज्ञान से कम नही

तू यूँ ही अपनी कृपा बरसाती रहना
हम भटकें भी तो राह दिखाती रहना
थोडी सी जगह चरणों में दो जहान से कम नहीं
ऐ मां तेरा आशीष किसी वरदान से कम नही

जीवन की हर ठोकर से बचाती रहना
धर्म न्याय का पाठ हमें पढाती रहना
चरणों में तेरे गिरना किसी उत्थान से कम नही
ऐ मां तेरा आशीष किसी वरदान से कम नही

ऐ माँ तेरा आशीष किसी वरदान से कम नही
तेरी हर एक बात किसी बडे ज्ञान से कम नही

नवम् सिद्धिदात्री
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मंत्र:
सिद्धगन्धर्वपश्चादौर सुरैरमरे रवि।
सेव्यामाना सदाभूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।।

गीत/भजन
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तेरे कदम जिस घर मे पडे वो
घर घर नही स्वर्ग हो जायेगा
तू गर सहारा दे दे किसी को
उसका कोई क्या कर पायेगा

तेरी हँसी खुशियों का खजाना
तू खुश है तो खुश है ये जमाना
गुस्सा तेरा है कोई बवंडर
जिसमें हर इक दुष्ट खो जायेगा

आशीष तेरा मिलता रहे बस
ये सिलसिला यूँ ही चलता रहे बस
तू रूठना मत हमसे नही तो
जगता नसीबा भी सो जायेगा

तेरे कदम जिस घर मे पडे वो
घर घर नहीं स्वर्ग हो जायेगा
तू गर सहारा दे दे किसी को
उसका कोई क्या कर पायेगा।

*जोर से बोलो जय माता की*
*मिलकर बोलो जय माता की*

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