यूपी में बीजेपी-एक बदलाव

11 मार्च 2017 , यूपी के विधानसभा चुनाव की मतगणना का दिन। आज उत्तर प्रदेश में जनता ने एक गजब का फैसला सुनाया है ।भारतीय जनता पार्टी को प्रचण्ड बहुमत देकर एक इतिहास रच दिया है। आज तक ऐसा कभी नही हुआ है जब किसी पार्टी को इतनी ज्यादा संख्या में सीटें मिली हों।क्या ये मोदी की लहर है? जी हाँ बिल्कुल ये मोदी की ही लहर है। ये मोदी की नीतियों और कडे फैसले लेने की क्षमता का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश की जनता इतनी प्रभावित हुई है। वो पार्टियाँ जो अब तक यूपी में राज करती थी उनका तो बहुत ही बुरा हाल है ,अजी बहुमत (202 सीट) की तो बात ही छोडिए यहाँ तो तीनों पार्टियाँ (सपा,बसपा,कांग्रेस) मिलकर 100 सीट भी पार नही कर सकीं।उत्तर प्रदेश में इन तीनों दिग्गज पार्टियों का यह हाल होगा किसी ने शायद कल्पना भी नही की होगी।अब जबकि ये तीनों पार्टियाँ बुरी तरह से हार चुकी हैं तो अपनी अपनी हार के नये नये बहाने बनाकर मीडिया के सवालों से बचती फिर रही हैं। कोई कह रहा है कि ईवीएम मशीन गडबड थी तो कोई कह रहा है कि काश कांग्रेस से गठबंधन न किया होता। खैर, अब इन बहानों से कुछ भी नही होने वाला,भलाई इसी में है कि जल्द से जल्द अपनी हार और जनता के फैसले को स्वीकार कर लें क्योंकि अब यूपी में बदलाव की हवा चल चुकी है।अब वो दिन चले गए जब खुद को दलितों और पिछडों का हितैषी कहकर जनता को बेवकूफ बना दिया जाता था अब जनता जागरुक हो चुकी है ऐसे में अगर आपके पास विकास से सम्बन्धित कोई मुद्दा नही है तो जनता को प्रभावित नही कर सकते है।

यूपी में नई सरकार के लिए चुनौतियाँ:
यूपी में बीजेपी एक पूर्ण बहुमत की नई सरकार बनाने जा रही है ये बहुत ही हर्ष और खुशी की बात है लेकिन इस सरकार के सामने बहुत सी चुनौतियाँ भी आने वाली हैं। यूपी की जनता ने जिस उम्मीद और आशा की किरण के रूप में बीजेपी को चुना है उन उम्मीदों पर खरा उतरना ही सबसे बडी चुनौती है। जनता ने 2007 में बसपा की भी सरकार को बहुमत देकर एक मौका दिया था लेकिन बसपा सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नही उतर सकी थी जिसकी वजह से 2012 में जनता ने बसपा को  उखाड फेंका।यूपी में परिवर्तन और बदलाव की चाह में फिर 2012 में जनता ने समाजवादी पार्टी को चुना और पूर्ण बहुमत प्रदान किया , इस उम्मीद के साथ कि शायद सपा बसपा से बेहतर शासन करे और जनता को हर वो सुविधा, सुरक्षा और रोजगार दे जिसकी उन्हें जरूरत है। समाजवादी पार्टी भी इस मौके को भुना न सकी और लगातार पाँच साल जातिगत भेदभाव करके, भर्तियों में भर्जीवाडा करके, तरह तरह के घोटाले करके, आपस में लड के जनता को फिर निराश किया। इन सब से ही नाराज होकर इस बार फिर 2017 में उत्तर प्रदेश की जनता ने सपा के साथ भी वही किया जो 2012 में बसपा के साथ किया था-पूरी तरह से उखाड के फेंक दिया।
इस बार फिर यूपी की जनता सिर्फ परिवर्तन ही चाहती थी और इसीलिए यूपी से सपा और बसपा के द्वयाधिकार को खतम करते हुए एक नई सरकार चुनी है -भारतीय जनता पार्टी। सपा बसपा से ऊब जाने के अलावा, भारतीय जनता पार्टी को चुनने के पीछे और भी एक कारण है वह है -भारतीय जनता पार्टी में नरेन्द्र मोदी जैसे प्रभावशाली नेता का होना जो कि इस समय केन्द्र में सत्ता में हैं और जनता के हित के लिए कडे से कडे और जोखिम भरे फैसले लेने में सक्षम हैं।
भारतीय जनता पार्टी के सामने सबसे बडी चुनौती यही होगी कि उन्हें अपने शासनकाल को बसपा और सपा के शासनकाल से  बेहतर साबित करना होगा । सपा और बसपा द्वारा की गई गलतियों से बचना होगा साथ ही साथ सपा के शासन काल में उत्तर प्रदेश की  जो भी दुर्गति हुई है उसे फिर से सही पटरी पर लाना होगा।
जिस तरह से जनता ने रिकार्ड समर्थन देकर भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने मौका दिया है  उस हिसाब से अगली चुनौती यह होगी कि भाजपा को अगले पाँच सालों में अपनी वह छवि बनानी होगी जिससे कि जनता को महसूस हो कि उनके द्वारा 2017 में लिया गया फैसला, 2007 और 2012 में लिए गए फैसले जितना गलत नही था ।यूपी की जनता ने अपना काम कर दिया है अब बारी है भाजपा की ।अब ये नई सरकार के ऊपर है कि वह कुछ नया और अच्छा काम करती है या पिछली सरकारों की तरह ही जनता के विश्वास को तोडती है।
बीजेपी की जीत में नोटबन्दी की भूमिका:
कुछ लोग जो कह रहे थे कि नोटबन्दी ने देश को बरबाद किया है और यही भाजपा की हार का कारण बनेगी  आज उन सब लोंगों का मुँह बन्द हो चुका है और नोटबन्दी का फैसला भाजपा की जीत का कारण बन चुका है।  नोटबन्दी का विरोध करके विरोधी नेताओं ने अपने ही पैर में कुल्हाडी मारी थी।जनता इतनी तो समझदार है ही कि समझ सके कि नोटबन्दी उनके हित में है या अहित में। नोटबन्दी का विरोध वही कर रहे थे जिन्हें ज्यादा नुकसान हो रहा था।जनता परेशान जरूर हुई नोटबन्दी के समय में मगर वह इतना भी समझ गई कि नोटबन्दी जैसा बडा फैसला मोदी जैसा नेता ही ले सकता है। मोदी के इस एक फैसले ने यूपी के हर इंसान को प्रभावित किया ।

जनता को नई सरकार से उम्मीदें:
उत्तर प्रदेश की जनता ने बडी उम्मीद से भारतीय जनता पार्टी को इतना प्रचण्ड बहुमत प्रदान  किया है। वैसे तो केन्द्र में भी बीजेपी की ही सरकार है और अभी तक नरेन्द्र मोदी की सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी ही उतरी है उसी तरह राज्य स्तर पर भी जनता बीजेपी से उम्मीद लागाए हुए है।किसानों को उम्मीद है कि उन्हें कर्ज माफी का जो भी आश्वासन दिया गया था उस पर अमल किया जाएगा, बेहतर खेती बाडी के लिए नहरों में समय समय पर पानी उपलब्ध कराया जाएगा और बिजली की समस्याएं भी दूर की जाएंगी। छात्रों को उम्मीद है कि भारतीय जनता पार्टी उनके साथ वो नही करेगी जो पिछली सरकारों ने किया बल्कि छात्रों और युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराएगी तथा पिछली सरकारों द्वारा जानबूझ कर जो भर्तियाँ अदालतों में अटकाई गईं हैं उन्हें जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा और भर्तियों में हुई धांधली की जांच कराई जाएगी। गरीबों,दलितों और पिछडों ने सपा और बसपा को छोडकर बीजेपी को चुना है तो बीजेपी को उनके हितों का भी ध्यान रखना होगा ताकि दलितों और पिछडों के मन से ये बात निकल जाए कि केवल बसपा और सपा ही उनके हितैषी हैं।
अन्य पार्टियों के लिए सबक:
भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण , स्पष्ट और प्रचण्ड बहुमत प्रदान करके जनता ने अन्य पार्टियों को एक सबक दिया हैं।जनता ने उन्हें अपनी भाषा में बता दिया है कि अगर आप विकास से इतर,जाति और धर्म की राजनीति करेंगे तो आप ज्यादा दिन सत्ता में नही टिक पाएंगे।जो लोग यह समझते थे कि पिछडे उनका फिक्स्ड वोट बैंक हैं और जो यह समझ रहे थे कि दलित उनके फिक्स्ड वोट बैंक हैं उन्हें अब समझ जाना चाहिए कि कोई भी पार्टी सिर्फ और धर्म को आधार बना कर जनता का विश्वास हासिल नही कर सकती।आज की जनता सिर्फ वादे नही विकास चाहती है वो भी हकीकत में न कि सिर्फ कागजों और फाइलों पर, जनता रोजगार चाहती है न कि नौकरी के लिए कोर्ट कचेहरी की झंझट,जनता शान्ति और अमन चाहती है न कि भ्रष्टाचार और दंगे,जनता चाहती है कि आप सबको एक समान रूप से देखें और सुनें ,न कि सिर्फ अपने परिवार या अपनी जाति को। यदि आपकी पार्टी जनता को यह सब नही दे सकती तो समझ लीजिए कि जनता भी आपको दूसरा मौका नही दे सकती है।
अब दूसरी पार्टियाँ जनता के बदलते हुए स्वाभाव को समझे या न समझे लेकिन जनता सब समझती है और जानती है।

फिलहाल उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी का केसरिया झण्डा लहरा चुका है और यूपी की जनता ने अपना नया शासक चुन लिया है इस उम्मीद के साथ कि उत्तर प्रदेश में बदलाव आएगा ।यूपी को एक ऐसा भयमुक्त वातावरण की उम्मीद है जिसमें हमारी बहू बेटियाँ सुरक्षित हों,न्याय के लिए हम थानों में जाएं तो हम़े न्याय मिले, जब हम घर से बाहर निकलें तो हमारे परिवार के सदस्य निश्चिन्त रहें कि हम सुरक्षित घर वापस आ जाएंगे।हम आशा करते हैं कि जिस तरह हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी गरीबों के लिए हमदर्द बन कर सामने आए हैं उनकी हमदर्दी आगे भी जारी रहेगी। उम्मीद करते हैं बीजेपी की सरकार हमारी आशाओं हमारी उम्मीदों पर खरा उतरेगी ।उत्तर प्रदेश में बढते हुए अपराध,चोरी, घूसखोरी और बलात्कार की घटनाओं  पर अंकुश  लगेगा और प्रदेश में शान्ति कायम होगी।

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