मुलाकात


उनसे कैसे कब पहली मुलाकात हुई
याद आया सब जब पहली बरसात हुई
वादा किया था उसने मिलने का मुझसे
आये नहीं अब तक जाने क्या बात हुई
देख के उनकी प्यारी हँसी सूरज निकला
काली जुल्फ खुली तब जाके रात हुई
वो सज के सँवर के अपने घर से निकले हैं
शायद तभी खूबसूरत ये कायनात हुई
उनसे कैसे कब पहली मुलाकात हुई
याद आया सब जब पहली बरसात हुई

मिले न जुदा हुए
हम क्या थे तुमसे मिलने के बाद क्या हुए
तुम हमपे मर मिटे हम तुमपे फिदा हुए
तुम्हारे मेरे बीच का था फासला अजीब
इक तो तुम अमीर थे उसपे हम गरीब
अपने हुए बेगाने तो दुनिया हुई रकीब
तुम ही कहो आते भी तो किस तरह करीब
मंजिल भी थी जुदा रास्ते भी थे अलग
हम अर्थी पे सजे तुम डोली में विदा हुए
दुनिया हँसेगी अपनी प्रेम कहानी पे जिसमेँ,
ना हम कभी मिले ना हम जुदा हुए

बेकाबू धडकन
​उसकी छोटी सी भी हँसी कैसा जादू कर जाती है
हो जाती है बेकाबू धडकन जब पास वो मेरे आती है
लग जाती है आग जवानी में जब पानी में वो उतरती है
झटके लगते हैं दिल पे जब,वो झटक के बाल सुखाती है
काजल बिन्दिया चूडी कंगन,पायल घायल कर देते हैं
उसकी चुनरिया उड उड कर,मेरी नींद उडा ले जाती है
उसकी छोटी सी भी हँसी,कैसा जादू कर जाती है
हो जाती है बेकाबू धडकन,जब पास वो मेरे आती है

आकर तो देखो
कभी मेरे दिल मे भी आकर तो देखो,
मुझे अपना साथी बनाकर तो देखो
जमाने की हर चीज प्यारी लगेगी,
सनम इक दफा दिल लगाकर तो देखो
ये सूखे हुए गुल भी हँसने लगेंगे,
जरा तुम सनम मुस्कुरा कर तो देखो
खफा हम नहीं तुमसे ऐ मेरे हमदम,
हम आयेंगे बस तुम बुलाकर तो देखो
जमाने मे मत ढूँढ़ो मैं पास ही हूँ,
जरा दिल मे नजरें झुकाकर तो देखो
"राज" की जिन्दगी है अमानत तुम्हारी,
हो गर यकीन आजमाकर तो देखो

मंजिल
यूँ लगा जैसे ये नजरें अपनी मंजिल पा गयी
जब ये नजरें जाके उसके चेहरे से टकरा गयी
नाजुकी गालों की उसके देखकर गुल झुक गये
उसकी बोली सुन के कोयल बाग की शरमा गयी
मुझसे तो वो कुछ न बोली फिर भी आँखों से मुझे
अनकही बातों से कोई राज वो समझा गयी
इक हमीं पर न हुआ है उसके जलवों का असर
जिस गली मे भी गयी वो बिजलियाँ बरसा गयी
जा रहा है ग़म का पतझड़ जी रहा था जिसमें मैं
वो मिली है जब से जीवन मे बहारें आ गयी
एक दो पल ही रही नजरों के आगे वो मगर
एक दो पल मे ही मानो जिन्दगी महका गयी

चाहत बुरी है
ना मोहब्बत ना चाहत बुरी है,
कुछ हसीनों की आदत बुरी है
 दिल टूटा तब जान पाए,
पत्थरों की इबादत बुरी है
कोई दिल को जरा समझा दे,
अपनों से यूँ बगावत बुरी है
ना बरी करते हैं ना सजा दे,
हुस्न की ये अदालत बुरी है
ना मोहब्बत ना चाहत बुरी है
कुछ हसीनों की आदत बुरी है
***
दिल के दुश्मन
खुद के सँग कैसी दिल्लगी की है
दिल के दुश्मन से दोस्ती की है
जो की लैला ने जो की मजनू ने 
आज गलती वो मैने भी की है 
वो पराया है उसकी खातिर क्यों
अपनों से हमने दुश्मनी की है 
दर्द का मतलब है पता हमको 
गुजर काँटो पे हमने जिन्दगी की है 
हमको चाहे वो या ना चाहेँ पर
टूट कर हमने आशिकी की है 
खुद के सँग कैसी दिल्लगी की है 
दिल के दुश्मन से दोस्ती की है ।
*****
आखिरी साँसों का सहारा था वो
मैँ डूबती हुयी कश्ती था किनारा था वो 
कैसे नही करता मै भरोसा उसपे
बेगाने शहर मे बस एक हमारा था वो
उसे ना आना था फिर भी इन्तजार किया हमने
भरोसा तोडने वाले पे ऐतबार किया हमने
हमेँ मालूम था अन्जामे वफा फिर भी
उस बेवफा को हद से ज्यादा प्यार किया हमने 
उसके बिना कोई भी पल गुजरा नही है
गमों मे डूबा हुआ दिल अभी उभरा नही है
यूँ मुझे प्यार से ना देखो ऐ नये दोस्त
उसकी बेवफाई का रँग अभी उतरा नहीँ है 
उसकी यादों मेँ जाने क्यों जलाता हूँ खुद को
भीड मेँ भी अब तो तनहा सा पाता हूँ खुद को 
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अच्छे लोग अच्छाई नहीँ छोडेँगे
लडने वाले कभी लडाई नहीँ छोडेँगे
ये दुनिया कितनी भी बदल जाये पर याद रखना
बेबफा लोग कभी बेवफाई नही छोडेँगे
**
जो नहीँ करना था वो भी वो हरजाई कर गया
वो बेवफा था आखिर बेवफाई कर गया
**
दिल तोडने वाले दिलदार न मिले
जो ऐतबार करे तुझपे ऐसा यार न मिले
तडप तडप के बीते तेरी जिन्दगी सारी
सारी दुनिया मे कहीँ तुझको कभी प्यार न मिले
**
सारी दुनिया से मुझको बेगाना करके छोडेगी
वो दीवानी है मुझको भी दीवाना करके छोडेगा
**
आवाज भी लगाये मगर तुम नहीं आये
हम आँख थे बिछाए मगर तुम नहीं आये
मजबूरी थी कोई  या भूल गये तुम
क्या बात है सब आए मगर तुम नहीं आये
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ठीक से हम अभी तक जवाँ न हुए
क्या बताएं कि बदनाम कहाँ न हुए
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जख्म गहरा है मेरे जिगर का अभी
तेरी उलफत से अब ये भरेगा नहीं
चोट तुझ जैसे पत्थर से खाने के बाद
चाह अब दिल किसी की करेगा नहीं
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तुमपे अपना हक जताना छोड देंगे
तुम कहो गली क्या जमाना छोड देंगे
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अब तो दिल करता है तुमसे मुलाकात हो
हरदम तुम्हारे हाथों में मेरा हाथ हो
बात तुमसे करते हुए हर दिन मेरा गुजरे
और तुम्हारी मखमली बाहों में रात हो
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तुमको मुझ जैसा हर लडका दीवाना लगता है
शमा पे मडराने वाला परवाना लगता है
जरा पूछो तो मेरी हालत तुमसे ठोकर खाने के बाद
दिल को बहार का मौसम भी अब वीराना लगता है
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मुस्कुराओ न इस तरह से
दिल दीवाना हो जाएगा
आँखों के नशे में डूब के ये
घर मयखाना हो जाएगा
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जागी हो रात भर तुम बहकती बातें बता रही हैं
बातों की छोडो सब कुछ
तुम्हारी आँखें बता रही हैं
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बडा बेरहम बडा संगदिल है वो
मेरी हर तमन्ना का कातिल है वो
##
मैं चला जाऊंगा छोडकर के तुम्हें
क्या तुम्हें मुझपे इतना भरोसा नहीं
जान है जब तलक मेरे इस जिस्म में
प्यार ही दूँगा मैं तुमको धोखा नही
##
लाख दीवार दुनिया उठाए सनम
आने पाएगा ना बीच में फासला
तुम हो धडकन मेरे दिल की तुम ही कहो
दिल से धडकन जुदा कब हुई है भला
##
इश्क की राह में वो मुकाम आया है
बेवफाओं में मेरा भी नाम आया है
क्या कहूँ यारों मैंने गुनाह न किया
फिर भी सर पे मेरे इल्जाम आया है
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प्यार का काम ही ऐसा काम है
जो हर जगह पे बदनाम है
दिल की नजरों में जो है खुदा
इस जमाने में वो ही इल्जाम है

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