मेरे बेकाबू जजबात
वैसे तो शराब पीकर भी मैं मदहोश नहीं रहता
पर तुझे देखने के बाद मुझे होश नहीं रहता
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इक आरजू है दिल मेँ बरसों से
कि तेरी जुल्फ को ओढूँ और रात हो जाये
इक जुस्तजू है दिल मेँ बरसों से
तेरा आँचल उडा दूँ और बरसात हो जाये
ये दीवानगी नहीँ मेरा इश्क है
कि तुझको छू लूँ और मन गुलाब हो जाये
ये गुजारिश नही मेरी ख्वाहिश है
कि तेरी नजर उठे और पानी शराब हो जाये
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तेरा चेहरा है या आफत है
तेरी अँगडाई, अँगडाई नहीँ कयामत है
तुझे हँसी आती है मेरी दीवानगी पे
किसी दिन मर मिटोगे तुम मेरी आशिकी पे
तु दूर रहती है तो जान जाने लगती है
मेरी तनहाई मुझपे मुस्कुराने लगती है
तेरी पायल तेरी चूडी तेरी बिन्दिया की चमक
मुझे सताती है दिन रात अब तू ही बता काबू मेँ करुँ
कैसे
' बेकाबू जजबात, ।
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कितना अच्छा कितना प्यारा आज सारा आलम है
खुशियाँ भी हैं थोडी थोडी थोडा थोडा सा गम है
तेरी बातें मेरी बातें तेरे सपने मेरे सपने
कितना चाहूँ तुमको हमदम जितना चाहूँगा कम है
तेरे दिल से मेरी धडकन तेरी साँसें मेरा जीवन
चाहूँगा मैं तुमको हमदम जब तक थोडा भी दम है
ऐसे हमसे शरमाओगे तो हम कैसे जी पाएंगे
पास आजाओ मेरे देखो कितना रंगीं मौसम है
जैसे कोई बादल पानी से तरबतर हो जानेमन
ऐसी तेरी दिलबर काली काली सी जुल्फें नम है
कितना अच्छा कितना प्यारा आज सारा आलम है
खुशियाँ भी हैं थोडी थोडी थोडा थोडा सा गम है
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गमों के मेले में मुझको जब खुशी याद आती है
तेरे संग बीती दो पल की जिन्दगी याद आती है
सामने दुनिया के न पूछो मैं मजबूर था कितना
और उसपे तेरे भी दिल की बेबसी याद आती है
मिला न कुछ जहाँ मुझको बस इक बदनामी से ज्यादा
वो मंजर याद आते हैं वो गली याद आती है
बना डाला हमें जिसने गमों का दोस्त ऐ यारों
हर इक पल मेरे दिल को वो आशिकी याद आती है
मैं सह लेता हूँ हर इक गम सनम जो मेरे अपने हैं
मगर रोता है दिल मेरा जब तेरी याद आती है
गमों के मेले में मुझको जब खुशी याद आती है
तेरे संग बीती दो पल की जिन्दगी याद आती है
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फिर चले जाना
अभी तो आये हो अभी मत जाओ
ठहरो थोडा प्यार जता लूँ
सीने से इक बार लगा लूँ
फिर चले जाना
देखो ऐसे मत शरमाओ,
नजरों से नजरेँ तो मिलाओ
थोडा और करीब तो आओ,
फिर चले जाना
आओ थोडा नैन मिलायेँ,
दिल से दिल की बात बतायेँ
बैठो थोडा जी भर जाये
फिर चले जाना
बाहों मेँ खुद को सिकुडने दो
दिल से दिल को जुडने दो
अरमानों को उडने दो
फिर चले जाना
तुमको इन आँखों मेँ भर लेँ
थोडा जी लेँ थोडा मर लेँ
थोडी अपने मन की कर लेँ
फिर चले जाना
चेहरा तुम्हारा मन मेँ बसा लूँ,
आँखों में इक सपना सजा लूँ
ऐ दिल मेरे मेरी सुन लिया कर
मेरा होके न यूँ धोखा दिया कर
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ऐ दिल मेरे तू इतनी मोहब्बत न कर
वो पत्थर है तू उसकी इबादत न कर
सूखे हुए पत्तों से तूने घर बनाया है
यूँ जलती हुई आग से शरारत न कर
निकाल रखा है मैने उसे जिन्दगी से
यादों मे उसकी याद की मिलावट न कर
तू उसको भूल जा मेरे लिए ये काफी है
इस इनायत के शिवा मुझपे इनायत न कर
ऐ दिल मेरे तू इतनी मोहब्बत न कर
वो पत्थर है तू उसकी इबादत न कर
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देखो न मुझको ऐसी नशीली नजर से
वरना ये होश मुझसे सम्भाला नहीं जाता
इतनी नशीली दिलबर नजरों की मय को
महफिल में सबके आगे उछाला नहीं जाता
कैसे भुला दुँ तुझको तू ही बता मुझे
दिल से तेरी यादों को निकाला नहीं जाता
ये जिन्दगी तो अब तक बीती है गम में
और ऐसे गम में जिनको कि टाला नहीं जाता
कर दो इकरार करके दिल की दवा तुम
प्यार का रोग इतना भी पाला नहीं जाता।
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आँखों ही आँखों में बात होती रहे
दिलों की जम के मुलाकात होती रहे
जा न पाएं खुदा आज वो अपने घर
काश इसी तरह से बरसात होती रहे
ये तमन्ना है दिल उन्हें ही देखकर
दिन गुजरते रहें रात होती रहे
आज तो उनका दिल जीतना है भले
जिन्दगी भर मेरी मात होती रहे
आँखों ही आँखों में बात होती रहे
दिलों की जम के मुलाकात होती रहे
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ऐसा नहीं कि उनको मेरी चाहत नहीं है
बस प्यार जताने की उनकी आदत नही है
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ऐसा नहीं कि वो मेरे लिए परेशान नहीं हैं
बस वो मेरी जान हैं हम उनकी जान नहीं हैं
ऐसा नहीं कि वो मेरे जजबात न समझे
सब समझते है वो इतने भी नादान नहीं हैं
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ऐसा नहीं कि उनको हमसे प्यार नहीं है
बस उनको मेरे प्यार पे ऐतबार नहीं है
ऐसा नहीं कि उनके दिल मे धडकनें नहीं
पर मेरी धडकनों जितनी रफ्तार नहीं है
ऐसा नहीं कि रह लेते है वो मेरे बिना
पर क्या करें वो मुझ से बेकरार नहीं हैं
ऐसा नहीं कि देरी बर्दाश्त नहीं उन्हें
पर बेसब्र है वो उनमें इन्तजार नहीं है
ऐसा नहीं कि उनको हम भूल नहीं पाते
हम भूल जाते अगर वो हमें याद न आते
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मिल जाए मेरे दिल को करार थोडा सा
करने दो मुझे अपना दीदार थोडा सा
तू जमीं की नहीं अप्सरा है
तेरी आँखों में कितना नशा है
देख छाने लगा है खुमार थोडा सा
करने दे मुझको दीदार थोडा सा
कैसे तुझको सनम मैं बताऊं
जान से ज्यादा तुझको मैं चाहूं
देदे मुझको कभी अपना प्यार थोडा सा
करने दे मुझको अपना दीदार थोडा सा
सपने ही सपने आँखों में भर दूँ
तेरी हर ख्वाहिशें पूरी कर दूँ
बाहों में आओ इक बार थोडा सा
करने दे मुझको अपना दीदार थोडा सा
तुझको पाने की खातिर मेरी जानेजाँ
एक कर दूँगा मैं ये जमीं आसमाँ
अब नहीं हो रहा इन्तजार थोडा सा
करने दे मुझको अपना दीदार थोडा सा
मिल जाए मेरे दिल को करारा थोडा सा
करने दे मुझको अपना दीदार थोडा सा
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जी करता है किसी से हम भी ये दिल लगा लें
जरा प्यार करके हम भी किस्मत को आजमा लें
कहते सुना है लोगों से ये प्यार मीठा धोखा है
ये प्यारा प्यारा धोखा हम भी थोडा खा लें
पाके जवानी वाली धूप महका है हुस्न का चमन
चल दिल किसी चमन में और जिन्दगी सजा लें
बस इन्तजार है कोई आ जाए जिन्दगी में
छीने जो हमसे चैन और नीदें भी चुरा ले
वीरान है ये जिन्दगी ऐ "राज" प्यार के बिना
सोचो न प्यार करके अब चलो प्यार का मजा लें
जरा प्यार करके हम भी किस्मत को आजमा लें
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