राज़-ए-उल्फत


आँखों ही आँखों मे इक अफसाना बना देती है

वो दीवानी हँसती है औऱ दीवाना बना देती है

औरों को जरूरत होगी मयखाने मे जाके पीने की

मेरे लिए वो आँखों से पैमाना बना देती है

हर कोई खिंचा जाता है उसके जलवे ही कुछ ऐसे हैं

वो शमा सी जलती है सबको परवाना बना देती है

मैं समझ नहीं पाता हूँ कैसे हक मैं उसपे जताऊँ

कभी अपना कहती है तो कभी बेगाना बना देती है

आँखों ही आँखों मे इक अफसाना बना देती है

वो दीवानी हँसती है औऱ दीवाना बना देती है

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ये दिल हमारा जिसपे फिदा है
वो इस जमाने में सबसे जुदा है
बच न सका कोई दिल उससे ऐसी
दिल को चुराने की उसमें अदा है
अन्दाज भी है बहुत सीधा सादा
निभाना भी आता है हर एक वादा
दिल चीरते हैं अगर आँखों से तो
नाजुक हैं वो फूलों से भी ज्यादा
आँखों से नीदें चुराते हैं अक्सर
सपनों में आकर सताते हैं अक्सर
जब भी करें बात हम उनसे जालिम
हँस के गिराते हैं बिजली सी दिल पर
कैसे रहें हम बिना बात उनसे
जाहिर करें कैसे जजबात उनसे
करते बयाँ दिल की हर एक हसरत
होती अगर इक मुलाकात उनसे
कोई गज़ल है या कोई कहानी
कोई अप्सरा है या परियों की रानी
दिल करता है उनकी मासूमियत पे
लुटा दूँ अभी मै ये जिन्दगानी

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ना तानों का डर है ना रुसवाई का डर है
अगर डर है तो सिर्फ तेरी जुदाई का डर है
 न बादल के गरजने का न बिजली के चमकने का
हमें तो तेरे बिन इस मौसम - ए - तनहाई का डर है
 दिलों के बदले कुछ लोग जान माांगते है अब
दिनों दिन आ रही इस प्यार में महँगाई का डर है  
मुझे यकीन है तेरी वफा पे खुद से भी ज्यादा
मगर इस बेरहम दुनिया की बेवफार्ई का डर है
  ना तानों का डर है ना रुसवाई का डर है
अगर डर है तो सिर्फ तेरी जुदाई का डर है
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आपका जो प्यार हासिल कर लिया
हमने तो संसार हासिल कर लिया
लग गईं खुशियाँ गले  जब से तेरी
बाहों का ये हार हासिल कर लिया
हमने तो संसार हासिल कर लिया
तनहाई की भीड में जो खोया था
सारा चैन करार हासिल कर लिया
आपका जो प्यार हासिल कर लिया
जिसके फूलों का दिवाना है जहाँ
हमने वो गुलजार हासिल कर लिया
आपका जो प्यार हासिल कर लिया
खोने ना देंगे तुम्हें दुनिया में गर
जाने जाँ इक बार हासिल कर  लिया
हमने तो संसार हासिल कर लिया
आपका जो प्यार हासिल कर लिया
हमने तो संसार हासिल कर लिया

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राहे उलफत में नाकाम होकर
रह गया म़ै तो बदनाम होकर
कितनी कीमत थी मेरी जहाँ में
रह गया आज बेदाम होकर
खोजूँ उसको कहाँ यार जब खुद
रह गया हूँ मैं गुमनाम होकर
मैं हूँ दिन और अँधेरों में हूँ
वो उजालों में है शाम होकर
छूने  था चला आसमाँ "राज"
लौट आया हूँ नाकाम होकर
रह गया मैं तो बदनाम होकर
राहे उलफत में नाकाम होकर
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कोई अपना अगर अपने पास नहीं होता
जिन्दगी में खुशियों का एहसास नहीं होता

 वो शख्स जिसके जीवन में अपनों का प्यार है,

वो शख्स कभी जीवन में उदास नहीं होता

पैसों के लिए कोई  रिश्ता न तोडिए क्योंकि

पैसा अपनों से ज्यादा तो खास नहीं होता

जिस घर में लोग इक दूसरे का खयाल रखते हैं
उस घर कभी भी दुखों का वास नहीं होता

कोई अपना अगर अपने पास नहीं होता
जिन्दगी में खुशियों का एहसास नहीं होता

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इक अन्जाना सा अनदेखा सा चेहरा
जो घूमता रहता है इर्द गिर्द इन आँखों के
जो पास तो नहीं है फिर भी महसूस करता हूँ अक्सर
आँच उसकी साँसों  की छुवन उसके हाथों की
दुनिया की नजरों में शायद ये मेरी कल्पना मात्र हो पर मेरा दिल कहता है कि मेरी ये कल्पना,कल्पना नहीं हकीकत है
कहीं तो है वो जो हँसता है मेरी तनहाइयों पर ,हाँ
कहीं तो है वो...

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दामन-ए-यार नहीं मिला तो कोई बात नहीं
मेरी तकदीर अभी शायद मेरे साथ नहीं
याद न आए वो गुजरा नहीं है दिन ऐसा
उनके सपने न आएं ऐसी कोई रात नहीं
याद आते है तो करते हैं परेशान मुझे
भूल जाऊं मै उन्हें ऐसे भी हालात नहीं
इस मोहब्बत में तो रोना ही लिखा था शायद
खुलके किस रोज हँसे थे हम हमें याद नहीं
दामन-ए-यार ना मिला तो कोई बात नहीं
मेरी तकदीर अभी शायद मेरे साथ नहीं

***
अपना ग़म जमाने को नहीं दिखाते हम

ये राज़-ए-दिल है सबसे नहीं बताते हम

मैं नहीं चाहता कोई दुखी हो मेरे दुख से

इसलिए तो कभी आंसू नहीं बहाते हम

अंधेरे में बसर ये जिन्दगी कर लेते है

रोशनी के लिए कोई घर नहीं जलाते हम

पत्थरों के शहर में रहते हैं हम इसलिए

शोक दिल टूटने का भी नहीं मनाते हम

क्योंकि है दुश्मनों से ज्यादा खतरा दोस्तों से

आजकल दोस्ती का हाथ नहीं बढाते हम

अपना ग़म जमाने को नहीं दिखाते हम

ये राज़-ए-दिल है सबसे नहीं बताते हम।


जरूरत:

सबको जरूरत फूलों की

ख्वाहिश सबको बहारों की

कौन सुनेगा दुनिया में हम

जैसे गम के मारों की


जीवन में गम:

इंसान के जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते हैं । कभी इंसान खुश रहता है तो कभी दुखी ।
जब इंसान के साथ कुछ बुरा होता है तो वह यही सोचकर परेशान रहता है
कि मेरे साथ ही ऐसा क्योँ हुआ,कैसे हुआ ?
मै आपको बताना चाहूँगा कि
ये जीवन है इसमें कुछ न कुछ हमेशा घटित होता रहेगा बस जरूरत है तो
आपको तैयार रहने की । अगर आप अपने में एक बात अच्छी तरह बैठा ले कि जो भी होता है अच्छे के लिए ही होता है
तो आपमें हमेशा हर मुसीबत से लड़ने की उर्जा पैदा होती रहेगी ।
और सच भी है कि
जीवन की हर घटना एक नयी सीख देती है ।


झूठी कसमें :

झूठे कसमों वादों और झूठे बहाने से

आखिर पाते क्या हो तुम मुझको सताने से

आता हूँ तेरी गलियाँ तुझे देखने ही लेकिन

तुम बाज नही आते हो चेहरा छुपाने से

बस चलता रहने दो तेरा मेरा ये अफसाना

मैँ डरता नहीँ दुनिया की बोली या ताने से

मैँ नज्म लिखूँ या गजल या गीत लिखूँ कोई

तेरा प्यार झलकता है हर एक तराने से

झूठे कसमों वादों और झूठे बहाने से

आखिर पाते क्या हो तुम मुझको सताने से

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यादें

क्यों चली आती हो मुझे सताने
मुझे रुलाने
किस गुनाह की सजा देती हो तुम
देखो, मुझे तुम्हारी जरुरत नहीं है
मुझे तो जिसकी जरूरत है वो मुझे भूल गया है
मेरी मानो तो जाओ भेज दो उसी को
जिसके दीदार के लिए जिन्दा हैं हम
अभी तक
ऐ "याद" तुमसे गुजारिश है मेरी
भेज सकती हो तो भेज दो उन्हें
पर
तुम मत आया करो
तुम क्यों चली आती है मुझे सताने
मुझे रुलाने


मेरा जिस्म मेरी जां:

खफा मुझसे मेरा खुदा हो गया है
मेरा जिस्म जाँ से जुदा हो गया है

कहीं डूब जाए न कश्ती ये दिल की
बडा बेरहम नाखुदा हो गया है
मेरा जिस्म जाँ से जुदा हो गया है

कहाँ ढूँढू उसको मनाऊं मै कैसे
न जाने कहाँ वो लापता हो गया है
मेरा जिस्म जाँ से जुदा हो गया है

न आँखों में नीदें न दिल में है राहत
मेरा हाल दीवानों सा हो गया है
मेरा जिस्म जां से जुदा हो गया है

परेशां मेरे दोस्त अब कहते हैं मुझसे
अरे "राज' तुझको ये क्या हो गया है
मेरा जिस्म जां से जुदा हो गया है

खफा मुझसे मेरा खुदा हो गया है
मेरा जिस्म जां से जुदा हो गया है


नाम तेरा:

उजाले हर तरफ लेकिन मेरे घर में अंधेरा है

है आँखों में मेरे आँसू लबों पे नाम तेरा है
खुशी के पास.जाना हो तो आखिर जाएं हम कैसे
मुझे तो हर तरफ से यार तेरे गम ने घेरा है
खुदा से बढ के है मेरे लिए तो नाम ही तेरा
शिवाय नाम के तेरे भला अब कौन मेरा है
अगर हम छोड दें दुनिया तो क्या होगा मोहब्बत का
हमीं दीवानों से रोशन मोहब्बत का सवेरा है
उजाले हर तरफ लेकिन मेरे घर में अंधेरा है
है आँखों में मेरी आँसू लबों पे नाम तेरा है


तुम्हारी याद:
तनहाई का एहसास भी नही होने देती
सोते जागते हर पल सुबह.हो या शाम
हमेशा साथ रहती है मेरे
आज तुम भी होती तो शायद मेरा इतना 
खयाल नही रखती जितना कि
"तुम्हारी याद"


मैं तनहा मेरा दिल तनहा:

दिल तोड के तूने मेरा जब से मुझको ठुकराया
तब से है पडा मेरे पीछे मेरे पीछे मौत का साया
तुझे सौंप दिया था हमदम मैनें तो अपना जीवन
तेरे नाम थीं मेरी सांसें तेरे नाम थी मेरी धडकन
फिर भी तुझे मेरे दिल पे थोडा भी तरस न आया
अब मेरे अंधेरे मन में किस तरह उजाले होंगे
जाऊंगा जहाँ मेरे दुश्मन ये दुनिया वाले होंगे
हर पल आ आ के मुझको तेरी यादों ने तडपाया
तेरे खोने का गम है ही ऊपर से ये रुशवाई
अब तू ही बता हरजाई मैं कैसे सहूँ तनहाई
मेरा हर सपना है टूटा आँखों ने जो भी सजाया
दिल तोड के मेरा तूने जब से मुझको ठुकराया
तब से है पडा मेरे पीछे मेरे पीछे मौत का साया


देख लेना:
जब तेरे प्यार में दुनिया से गुजर जाएंगे
देख लेना तेरे ख्वाबों में नजर आएंगे
टूटते जा रहे हैं इस कदर यादों में तेरी
लग रहा है कि बडी जल्दी बिखर जाएंगे
क्या कहा मौत से क्यों हाथ मिलाया हमपे
तुम अगर छोडोगे तो और किधर जाएंगे
जिस घडी ये मौत का तूफान आएगा हमपे
तेरी नजरों के शहर पानी से भर जाएंगे
बेवफा हमसे जफा की है तूने खूब मगर
दिल तुझे दे के जाएंगे हम अगर जाएंगे
जब तेरे प्यार में दुनिया से गुजर जाएंगे
देख लेना तेरे ख्वाबों में नजर आएंगे

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